
नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि एक कवि के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी से उन्हें हमेशा ईष्र्या रही।
अटल सरकार में उपप्रधानमंत्री रहे आडवाणी ने कहा कि लिख तो मैं भी सकता हूं, क्योंकि मैं एक पत्रकार रहा हूं लेकिन मेरा लेखन क्षेत्र गद्य है। मेरे वरिष्ठ सहयोगी अटल बिहारी वाजपेयी भी अक्सर लिखते हैं लेकिन मुझे उनसे हमेशा ईष्र्या होती थी क्योंकि वह एक कवि भी हैं।
भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार आडवाणी ने कहा कि उनकी चाहत पद्य लेखकों की तरह कल्पना की उड़ान भरने की थी। उन्होंने कहा कि पद्य लेखकों ने समाज की बड़ी सेवा की। मैंने गंभीर तथ्यात्मक किताबें लिखी हैं। पद्य लेखकों की तरह यदि मेरे पास भी कल्पना की उड़ान भरने की क्षमता होती तो मेरी किताबें भी ज्यादा बिकतीं।
आडवाणी यहां एक किताब के हिंदी संस्करण को जारी करने के लिए आयोजित समारोह में बोल रहे थे। भाजपा नेता इस वर्ष की शुरुआत में अपनी आत्मकथा माई कंट्री माई लाइफ जारी कर चुके हैं। कई विवादों को अपने में समेटे यह किताब जारी होने के बाद महीनों तक सुर्खियों में रही।