कार्टूनों ने तय किया था रिपब्लिकन का चुनाव चिह्न

 
Nov 06, 07:37 pm

नई दिल्ली। कार्टूनिस्ट थामस नेस्ट ने अपनी कूची के जरिए वर्ष 1860 के बाद हुए अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनावों के लिए मजेदार कार्टून बनाए। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के लिए हाथी का इस्तेमाल किया और पल-पल बदलते समीकरणों के मुताबिक उसे डेमोक्रेट्स के चुनाव चिह्न गधे से कभी पिछड़ते, तो कभी उसे पछाड़ते दिखाया और इस तरह चुनावों में आम अमेरिकियों की दिलचस्पी बढ़ा दी।

राजनीतिक कार्टून चितेरे के रूप में जाने गए नेस्ट ने हार्पर्स वीकली में कार्टूनों की श्रृंखला चलाई। हाथी और गधे को चित्रित करते उनके 10 कार्टून काफी चर्चित हुए। कार्टूनों की लोकप्रियता के नतीजतन सात नवंबर 1874 को रिपब्लिकन पार्टी ने हाथी को औपचारिक रूप से अपना चुनाव चिह्न स्वीकार कर लिया। नेस्ट को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति यूलिसेस ग्रांट और अब्राहम लिंकन ने सदी का सर्वश्रेष्ठ कार्टूनिस्ट करार दिया।

तब से ही हर वर्ष सात नवंबर को रिपब्लिकन एलिफेंट डे मनाया जाता है। रिपब्लिकन दल के सदस्य अपने चुनाव चिह्न को गरिमामय मजबूत और बुद्धिमानी के प्रतीक के रूप में देखते हैं। राष्ट्रीय राजधानी स्थित अमेरिकन सेंटर में बतौर संदर्भ रखा रिपब्लिकन पार्टी का एनसाइक्लोपीडिया इस चुनाव चिह्न की पुष्टि करता है। वह बताता है कि नेस्ट रिपब्लिकन विचारधारा के ही थे, लेकिन उन्होंने निष्पक्ष तरीके से दोनों दलों के लिए कार्टूनों में व्यंग्य कसे।

एनसाइक्लोपीडिया कहता है कि वर्ष 1874 के चुनाव के दौरान नेस्ट ने कार्टूनों में रिपब्लिकन पार्टी को हाथी के रूप में चित्रित किया। नवंबर में चुनाव से ठीक पहले ग्रेंड ओल्ड पार्टी ने इसे अपने चिह्न के रूप में अपना लिया। भारत में कार्टूनिस्टों द्वारा किसी दल का चिह्न तय करने का इतिहास नहीं मिलता, लेकिन चित्रकारों को कुछ राजनीतिक दलों के चिह्न रुचिकर लगते हैं।

राजनीतिक कार्टूनों से जुड़ा ब्लाग बामुलाहिजा चलाने वाले कीर्तीश भट्ट कहते हैं कि देश में राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न कार्टूनिस्टों के लिए काफी दिलचस्प हैं। मसलन भाजपा जीतती है तो कमल को आप कई तरह से खिला सकते हैं। अगर हारती है तो उसे हराने वाले पार्टी के चुनाव चिह्न के जरिये कमल को कुचलता दर्शा सकते हैं। वह बताते हैं कि देश में हाथी मायावती के दल बसपा का चुनाव चिह्न है। उनसे या उनकी पार्टी के प्रदर्शन से जुड़ा कोई भी कार्टून हाथी के बिना गुदगुदाने वाला नहीं बन पाता। देश के मीडिया जगत में सुधीर तेलंग और मेनन जैसे इलस्ट्रेटर्स ने कार्टूनों में चुनाव चिह्नों का बखूबी इस्तेमाल किया है।

वर्ष 2008 के अमेरिकी चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्नों या उनके इतिहास के बारे में क्या लोगों ने जानना चाहा इस पर अमेरिकन सेंटर के संदर्भ वाचनालय की निदेशक कला अंजना दत्ता ने कहा कि अमेरिकी चुनावों के बारे में जानने के लिए इस बार लोग ज्यादा इच्छुक नजर आए। खासकर कई युवाओं ने अमेरिकी राजनीतिक दलों के इतिहास और चुनाव चिह्नों जैसी पृष्ठभूमि जानने में उत्सुकता दिखाई।




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