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मोदी ने रोका मंदिर तोड़ने का अभियान

Nov 21, 09:47 pm
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गांधीनगर [जागरण संवाददाता]। गुजरात में पिछले कुछ समय से विश्व हिंदू परिषद [विहिप] और राज्य की भाजपा सरकार के बीच चल रही अनबन के बीच मुख्यमंत्री ने थोड़ी नरमी दिखाई है।

विहिप के दबाव में राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मंदिर ढहाने का अभियान रोक दिया। राजधानी गांधीनगर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत पिछले कई दिनों से मंदिर तोड़ने का अभियान चल रहा था। इस क्रम में दो सौ से भी ज्यादा मंदिर तोड़ डाले गए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि आज सुबह मुख्यमंत्री ने गैरकानूनी निर्माण ढहाए जाने के अभियान की समीक्षा की और फैसला किया कि इसे कुछ समय के लिए रोक दिया जाए। यह फैसला लेने से कुछ ही देर पहले विहिप अध्यक्ष अशोक सिंहल ने नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। सुबह 10 बजे सिंहल मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। करीब ढाई घंटे चली मुलाकात में सिंहल ने इस अभियान को लेकर नाराजगी जताई थी। सिंहल ने विहिप कार्यकर्ता अश्रि्वन पटेल की गिरफ्तारी पर भी नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री ने मंदिर तोड़ने का अभियान तो रोक दिया, लेकिन उन्होंने पटेल व अन्य विहिप नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने से इनकार कर दिया।

सिंहल गुरुवार को उन मंदिरों को देखने भी गए थे, जिन्हें अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत ढहा दिया गया था। तब सिंहल ने कहा था कि राज्य की भाजपा सरकार इतिहास दोहरा रही है। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार की खिंचाई करते हुए कहा था कि जिस तरह मध्य काल में महमूद गजनी ने गुजरात के अनेक मंदिर तबाह कर दिए थे, उसी तरह अब किया जा रहा है।

गांधीनगर में बीते एक महीने के दौरान 200 से भी ज्यादा 'गैरकानूनी' मंदिर ढहा दिए गए हैं। इनमें से कई बड़े और नामी मंदिर थे।

विहिप राज्य सरकार द्वारा अपने कार्यकर्ता अश्रि्वन पटेल की गिरफ्तारी से भी नाराज है। पटेल को सरकार विरोधी एसएमएस प्रचारित-प्रसारित करने के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद विहिप और राज्य सरकार में खींचतान तेज हो गई है।

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