
पुणे। अशोक चव्हाण की नई सरकार में कांग्रेसी मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले नारायण राणे के प्रबल समर्थक विजय वादेतिवार अब उनके भरोसेमंद नहीं रहे।
राणे ने सोमवार को शहर के दौरे के समय कहा था कि विदर्भ के विधायक वादेतिवार को उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने की इजाजत दे दी है।
पूर्व राजस्व मंत्री ने कहा था कि लेकिन जब भी मैं चाहूंगा वह अपना पद छोड़ देंगे। राणे ने दावा किया था कि कांग्रेस से निलंबित किए जाने के बावजूद उनके पास पर्याप्त विधायकों का समर्थन है और वह सरकार को गिराने की स्थिति में हैं। वादेतिवार शिवसेना छोड़कर राणे के साथ ही कांग्रेस में शामिल हुए थे।
बहरहाल उनके दावे कुछ घंटे के भीतर ही थोथे साबित हुए। राज्य के मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद वादेतिवार ने कहा कि मैं कांग्रेस में हूं और कांग्रेसी बनकर रहूंगा। चाहे जो हो जाए मैं सोनिया गांधी के प्रति वफादार बना रहूंगा। यह पूछे जाने पर कि क्या वह अब भी राणे के विश्वासपात्र हैं और उनके कहने पर मंत्री पद छोड़ देंगे वादेतिवार ने स्पष्ट कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे।
पहली बार मंत्री बने वादेतिवार ने कहा कि शिवसेना छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने के समय राणे हमारे नेता थे। अब मैं एक वफादार कांग्रेसी हूं और सोनिया जी के नेतृत्व में मुझे पूरा भरोसा है।
सूत्रों के अनुसार राणे के एक अन्य समर्थक कालीदास कोलांबकर भी राणे का भरोसा तोड़कर चव्हाण के कैबिनेट में शामिल होने वाले हैं।