
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में 16 विधानसभा क्षेत्रों में 17 दिसंबर को होने वाले छठे चरण के मतदान के लिए प्रचार अभियान समाप्त हो गया। इस चरण में पूर्व मुख्यमंत्रियों गुलाम नबी आजाद और मुफ्ती मोहम्मद सईद सहित 10 पूर्व मंत्रियों की किस्मत का फैसला होगा।
छठे चरण में 271 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। इस चरण में 5.62 लाख महिलाओं सहित कुल 11.65 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चरण के लिए। 268 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पांच जिलों अनंतनाग 7 कुलगाम 3, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ प्रत्येक में दो-दो के सोलह मतदान केंद्रों में बुधवार को मतदान होगा।
मतदान शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। सुरक्षा बलों की 200 अतिरिक्त कंपनियां और स्थानीय पुलिस की करीब 100 कंपनियां तैनात की गई हैं। कुलगाम जिले में धमहाल हांजीपोरा में नेशनल कांफ्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ संघर्ष में पीडीपी कार्यकर्ता की मौत को छोड़कर चुनाव प्रचार शांतिपूर्ण रहा। राज्य में इस चरण के मतदान में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चुनाव प्रचार में शिरकत की थी। उन्होंने दक्षिण कश्मीर के शंगुस क्षेत्र में जनसभा को संबोधित किया था।
उल्लेखनीय है कि पिछले पांच चरण के मतदान की तुलना में इस चरण की 16 सीटों में मुकाबला बहुकोणीय होने की उम्मीद की जा रही है। इस चरण में सबसे अधिक 271 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
2002 के चुनावों में इन विधानसभा क्षेत्रों में केवल 124 उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में थे। पूर्व मंत्रियों अब्दुल अजीज जरगर, अब्दुल रहमान वीरी, अब्दुल गफ्फार सोफी, पीर मोहम्मद हुसैन जीए मीर पीरजादा, मोहम्मद सईद, जीएम सांरी (कांग्रेस) महबूब बेग, सकिना इटू और पीरजादा गुलाम अहमद शाह (नेशनल कांफ्रेंस) के अलावा माकपा के प्रदेश सचिव मोहम्मद यूसुफ तारिगामी की किस्मत का फैसला होगा। सबसे अधिक 24 उम्मीदवार बनिहाल क्षेत्र से चुनाव मैदान में है।