
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। लंबी जद्दोजहद के बाद भाजपा आलाकमान ने उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन का मन बना लिया है। भाजपा संसदीय दल के नेता लालकृष्ण आडवाणी के निवास पर हुई कोर ग्रुप की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही पार्टी ने वहां पर नया नेता चुनने की कवायद शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री भुवन चंद्र के उत्तराधिकारी के रूप में सबसे प्रबल नाम भगत सिंह कोश्यारी का है। उनके अलावा राज्य सरकार में मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, प्रकाश पंत व त्रिविंद्र रावत के नामों की भी चर्चा है।
उत्तराखंड में सरकार गिरने की नौबत तक पहुंचे पार्टी के असंतोष को थामते हुए भाजपा आलाकमान ने पिछले सप्ताह राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले कोश्यारी को न केवल मनाया था, बल्कि प्रदेश के एक दर्जन असंतुष्ट विधायकों को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद फैसला लेने का आश्वासन दिया था। इसके बाद सोमवार को भाजपा के कोर ग्रुप की अनौपचारिक बैठक में सभी बड़े नेताओं ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला तो किया, लेकिन यह सुनिश्चित भी किया कि फिर से कोई विद्रोह न हो। सूत्रों के अनुसार आडवाणी ने नया नेता चुनते समय युवा चेहरे पर ध्यान देने के साथ ऐसा नेतृत्व तय करने को कहा है जिससे आगे कोई नया संकट खड़ा न हो।
उत्तराखंड के सभी प्रमुख नेता सोमवार को दिल्ली में ही थे और उन्होंने आपस में कई दौर की मंत्रणाओं के साथ केंद्रीय नेतृत्व से भी मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार खंडूड़ी के उत्तराधिकारी के तौर पर सबसे प्रबल नाम पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का ही है।
हालांकि मुख्यमंत्री खंडूड़ी उनके नाम पर पूरी तरह सहमत नहीं हैं। इसलिए निशंक का नाम भी चर्चा में है। पार्टी नेतृत्व को डर है कि कोश्यारी के मुख्यमंत्री न बनने पर असंतोष फिर उभर सकता है। इसलिए वह खंडूड़ी को कोश्यारी के नाम पर तैयार करने की कोशिश कर सकता है।