श्वेत पत्र हमारी सच्चाई को सामने लाएगा

 
Jul 04, 05:26 pm

पटना [जागरण ब्यूरो]। पूर्व रेल मंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने दावा किया कि रेल मंत्री ममता बनर्जी का श्वेत पत्र रेलवे का मुनाफा और मेरे कार्यकाल में रेलवे की बेहतरी के किए गए प्रयासों की सच्चाई को सामने लाएगा। पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को माफी मांगना चाहिए जो मुनाफे के आंकड़े को फर्जी बता रहे हैं। वह लालू फोबिया से ग्रस्त हैं। उनके रेलमंत्री रहते नीतीश कुमार ने रेलवे की परियोजनाओं के लिए जमीन नहीं दी। रेल बजट में बिहार की उपेक्षा का आरोप तो लालू प्रसाद ने लगाया लेकिन इसके खिलाफ किसी आन्दोलन से इन्कार किया।

लालू प्रसाद ने शनिवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में बिहार में चल रही रेल परियोजनाओं का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि मात्र हरनौत कारखाना के लिए बजट में 70 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अन्य परियोजनाओं के लिए एक-एक लाख रुपये के प्रावधान से आखिर कब तक काम पूरा किया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व ममता बनर्जी से भेंट करेंगे।

ममता बनर्जी को ईमानदार बताते हुए उन्होंने कहा कि वह गलतियों को सुधारेंगी। बजट तैयार करने के लिए उनको समुचित समय नहीं मिल पाया।

पूर्व रेल मंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी ने भी अपने बजट भाषण में रेलवे के मुनाफे को स्वीकार किया है। उन्होंने बजट की प्रतियां उपलब्ध कराई हैं जिसमें जिक्र है कि यातायात मद से होने वाली प्राप्ति 75 करोड़ रुपये है जबकि 2008-09 में 25 करोड़ थी। पुराने अनुमानों के आधार पर सकल संचालन प्राप्तियां 88,419 करोड़ होने की संभावना है जो कि 2008-09 के वास्तविक आंकड़ों की तुलना में 8,557 करोड़ रुपये की वृद्धि का परिचायक है।

रेल बजट में बिहार की उपेक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि विश्वस्तरीय स्टेशनों की सूची में पटना को शामिल नहीं करना,12 तुरंतों गाड़ियों की सूची से पटना का गायब होना, कोसी ब्रिज के लिए 341 करोड़ के बदले मात्र 20 करोड़, बिहार की सभी नई लाइनों के निर्माण,आमान परिवर्तन व डबलिंग परियोजनाओं के लिए मात्र एक-एक लाख रुपये का प्रावधान दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अंतरिम बजट में बिहार से 18 नई गाड़िया शुरू करने का प्रावधान किया गया था जिसमें मात्र 4 को ही बजट में रखा गया है। उन्होंने अगले साल रेल भाड़ा में वृद्धि की आश्ाका जताई।

लालू प्रसाद का मंच टूटा

दरभंगा [जासं]। राजद के प्रमंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन में मंच टूट जाने के कारण पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद व कई अन्य नेता चोटिल हो गए। हादसे में घायल दलसिंहसराय के विधायक रामलखन महतो को इलाज के लिए ले जाना पड़ा। हादसे के बावजूद लालू प्रसाद के उत्साह में कमी नहीं आई। उन्होंने कहा कि जब-जब मंच धंसा है, तब-तब उन्हें फायदा हुआ है। जिस तरह यह मंच धंसा, उसी तरह नीतीश सरकार भी धंस जाएगी। मंच टूटने का अर्थ है कि अब धरती पकड़ लो।

दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड के कामरान उच्च विद्यालय परिसर में शनिवार को राजद का प्रमंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए बना मंच अचानक टूट गया जिससे नेता एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। मामूली चोटिल लोगों में लालू प्रसाद के अलावा झंझारपुर के पूर्व सांसद देवेन्द्र प्रसाद यादव, रामकृपाल यादव, सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मो. अली अशरफ फातमी मुख्य रूप से शामिल हैं।




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