
पटना [जागरण ब्यूरो]। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद फिर से मांसाहारी हो गए। कई वर्ष तक शाकाहारी रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने शनिवार को खुलासा किया कि अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, इसलिए फिर से मांसाहारी हो गया। बोले-मछली व चिकेन का सेवन कर लिया है, अब मटन भी खाएंगे। पत्रकारों के सवाल पर अपने अंदाज में लालू ने कहा कि पुन: मांसाहारी बनने के लिए भगवान शंकर से क्षमा-याचना कर ली है।
गौरतलब है कि पशुपालन घोटाला व अन्य परेशानियों से घिरने पर राजद सुप्रीमो ने मांसाहार से किनारा कर लिया था। उस समय यह भी चर्चा थी कि परेशानी से मुक्ति के लिए ज्योतिषों की राय पर उन्होंने मांसाहार का परित्याग किया है। उस दौरान लालू कुछ ज्यादा ही आस्तिक हो गए और तंत्र, मंत्र में विश्वास करने लगे थे। लालू का कहना था कि भगवान शंकर ने सपने में मांस-मछली छोड़ने के लिए कहा था, इसलिए शाकाहारी हो गया था। उस समय वह शाकाहार के प्रचारक भी बन गए थे। पर, अब लालू के लिए यह बातें पुरानी हो गई हैं। बता दें कि 1990 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मछली लेकर पहुंचने वालों के लिए इनके घर का दरवाजा सदैव खुला रहता था। शाम को मछली के साथ भूंजा खाने के शौकीन लालू प्रसाद को यात्रा के दौरान कार्यकर्ता-शुभचिंतक इन्हें मछली भेंट किया करते थे। तब मुख्यमंत्री आवास में मछली पालन के लिए लालू ने तालाब बनवाया था। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद नेता प्रतिपक्ष के 10-सर्कुलर रोड स्थिति आवास में भी तालाब का निर्माण कराया गया। हालांकि अब इसका उपयोग छठ पर्व के लिए किया जाता है।
तब क्या कहा था लालू ने
प्रसिद्ध पाकिस्तानी चैट शो 'होस्ट बेगम' में बेगम नवाजिश के साथ 29 मार्च, 2008 को हुई बातचीत में लालू प्रसाद यादव ने कहा था-'तीन साल पहले तक मैं गिद्ध की तरह मांस खाता था, लेकिन जबसे सपने में भगवान शंकर ने कहा कि तुम मांसाहार छोड़ दो, तुम्हारी परेशानियां कम हो जाएंगी, तब से मैंने मांसाहार छोड़ दिया है।' 20 जनवरी, 2007 को भी एक न्यूज पोर्टल के साथ बातचीत में राजद प्रमुख ने कहा था-'पहले तरह-तरह मछली, मटन और चिकेन बनाते थे। फिर एक दिन स्वप्न में भगवान शिव ने मांसाहार छोड़ने के लिए कहा, तो मैंने कान पकड़कर मूर्ति के आगे कसम खाई कि मांसाहार नहीं करूंगा।'