
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। लोकसभा चुनाव में बुरी तरह फिसली माकपा को केरल में उभरी खेमेबाजी ने चिंतित कर दिया है। शनिवार को माकपा पोलित ब्यूरो ने प्रदेश के दो बड़े नेताओं के बीच सार्वजनिक हुए विवाद को सुलझाने की कोशिश की। हालांकि फिलहाल दोनों अपनी-अपनी जगह अडिग हैं।
लंबे समय से केरल में मुख्यमंत्री अच्युतानंदन तथा पार्टी सचिव पी. विजयन के बीच चल रही खींचतान फिर से तेज हो गई है। चुनावी नतीजों से परेशान माकपा के लिए बड़े नेताओं के बीच छिड़ी इस लड़ाई ने मुश्किल खड़ी कर दी है। खास कर तब जब दोनों नेता एक-दूसरे को पार्टी से हटाने की मांग कर रहे हैं। लिहाजा शनिवार को इसे सुलझाने की कोशिश हुई। बताते हैं कि पोलित व्यूरो की बैठक में दोनों नेताओं को अपनी-अपनी बात रखने का मौका दिया गया। दोनों ने खुल कर एक-दूसरे के खिलाफ भड़ास भी निकाली।
शनिवार को बैठक के बाद एक सवाल के जवाब में पार्टी नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य एम.के. पंधे ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। रविवार को भी पार्टी नेता इस विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगे। बैठक में पार्टी के महासचिव प्रकाश करात के अलावा एस. रामचंद्रन, बिमान बोस समेत दूसरे नेता भी मौजूद थे।
पांच साल में दूसरी बार पार्टी को केरल ईकाई के अंदरूनी कलह पर पोलित ब्यूरो में चर्चा करनी पड़ रही है। इससे पहले कोलकाता में हुई बैठक में भी गुटबाजी अपने चरण पर नजर आई थी। दोनों नेताओं के रवैये से निराश और नाराज पार्टी ने कुछ दिनों तक दोनों नेताओं को निलंबित भी किया था। बाद में उन्हें वापस ले लिया था।