गंगटोक [जासं]। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के तहत देश में 78,000 मेगावट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। बारहवीं पंचवर्षीय योजना के तहत एक लाख मेगावट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा जाएगा। शनिवार को सिक्किम में 510 मेगावाट क्षमता वाली तिस्ता चरण पांच पनबिजली परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि इस बिजली उत्पादन का लक्ष्य पनबिजली व अक्षय ऊर्जा के जरिए पूरा होगा। इससे पर्यावरण को कोई हानि नहीं होगी। बिजली से वंचित गांवों में 2012 तक बिजली पहुंचा दी जाएगी और उन गांवों के प्रत्येक परिवार को एक यूनिट बिजली मुफ्त मुहैया करायी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत हासिल किया जाएगा। इस पनबिजली परियोजना में स्थानीय युवाओं को बहाली में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए ऊर्जा मंत्रालय सिक्किम सरकार को तत्काल पांच करोड़ रुपये प्रदान करेगा। उक्त राशि से इंडस्ट्रीरियल ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट [आईटीआई] की स्थापना की जाएगी। आईटीआई से उत्तीर्ण छात्रों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। परियोजना से विस्थापित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी। पुनर्वास व पुनस्र्थापना पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सिक्किम में बिजली से वंचित 25 गावों को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 148 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।