
पटना [जागरण ब्यूरो]। जद [यू] और भाजपा भले ही राजग का हिस्सा हों, लेकिन अहम मसलों पर इन पार्टियों के नेताओं की राय नहीं मिलती। ताजा मामला ईवीएम [इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन] में गड़बड़ी के आरोप का है। एक तरफ जहां भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी की हार के लिए ईवीएम मशीनों की गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं नीतीश कुमार का कहना है कि हार का ठीकरा इस मशीन पर नहीं फोड़ा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि कुछ लोग अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ना चाहते हैं। यह उचित नहीं है। ईवीएम के चलते जीत-हार नहीं होती है। वैसे तकनीकी जानकारों के मन में अगर कुछ संशय है तो इसका समाधान हो जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चुनाव आयोग का मामला है कि वह मतदान ईवीएम से कराए या फिर बैलेट पेपर से। वैसे इस मामले में सर्वदलीय बैठक के बाद ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।
निकाय चुनाव में वोट डालने के बाद पत्रकारों से मुख्यमंत्री ने कहा कि ईवीएम के खिलाफ शिकायत का मामला कोई नया नहीं है। हम लोगों ने भी कुछ वर्ष पहले यह शिकायत चुनाव आयोग से की थी कि सभी वोट लालटेन में चले गए। खूब हल्ला हुआ। चुनाव आयोग ने अपने स्तर से पूरी जांच कराई और यह बात स्पष्ट हुई कि यह सही नहीं है। अगर ईवीएम से ही सब कुछ सेट हो जाता तो फिर उन चार सीटों पर बिहार में दूसरे लोग कैसे जीत गए? ईवीएम से कोई खेल नहीं होता है। वैसे संशय रहना ठीक नहीं। जांच हो जाए तो अच्छा है।