
हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी बुधवार की सुबह हेलीकाप्टर में सवार होकर हैदराबाद से रवाना तो सही-सलामत हुए थे, लेकिन थोड़ी ही देर में उनका सफर हर किसी के लिए चिंता का सबब बन गया। उन्हें करीब 10.45 बजे चित्तूर पहुंचना था, पर 9.35 बजे जमीन से उनके हेलीकाप्टर का संपर्क ही टूट गया। उस समय मौसम खराब था और हेलीकाप्टर नक्सल प्रभावित इलाके में था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि या तो हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया या फिर उसे कहीं जबरन उतरवा लिया गया।
सरकार ने सच जानने के लिए हर जुगत लगा कर पूरा इलाका छान मारा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रेड्डी के तमाम परिचित और शुभचिंतक उनकी सलामती की दुआएं मांग रहे हैं।
रेड्डी, उनके प्रधान सचिव एस. सुब्रमण्यम और मुख्य सुरक्षा अधिकारी ए. एस. सी. वेस्ले किसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चित्तूर जा रहे थे। वे दो इंजन वाले सरकारी हेलीकाप्टर बेल 430 में सवार थे। हेलीकाप्टर दो पायलट उड़ा रहे थे। बेल 430 पहले भी कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है। ऐसे में हेलीकाप्टर की स्थिति को भी लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए का कहना है कि रेड्डी का हेलीकाप्टर ऐसा नहीं था कि उसे उड़ाया नहीं जा सके।
तलाशी का महा अभियान
राज्य के वित्त मंत्री के. रोसैया ने संवाददाताओं को बताया कि हेलीकाप्टर का कहीं पता नहीं है। इसका पता लगाने के लिए तत्काल वायु सेना को लगाया गया।
सिकंदराबाद में हकीमपेट एयर कमांड से दो हेलीकाप्टर भेजे गए, लेकिन मौसम सही नहीं होने के कारण वे लौट गए। बेंगलूर एयर कमांड से भेजे गए वायु सेना के तीन और नेल्लोर से भेजा गया एक निजी हेलीकाप्टर खराब मौसम व तेज बारिश के बावजूद घंटों तलाशी में लगा रहा, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
रायलसीमा क्षेत्र का यह इलाका नक्सलियों के दबदबे वाला है। शाम को बारिश व अंधेरे की वजह से हेलीकाप्टरों से तलाशी रोकनी पड़ी।
तलाशी के लिए रक्षा मंत्रालय का एक मानवरहित विमान भी भेजा गया था। वायु सेना के लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई को भी अभियान में लगाया गया, ताकि इलाके की पूरी तस्वीर ली जा सके। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो और अमेरिका की मदद से सेटेलाइट के जरिये भी तलाशी की कवायद की जा रही है।
पूरे अभियान की कमान दिल्ली से गृह मंत्री पी. चिदंबरम संभाले हुए थे। नौ घंटे तलाशी अभियान चलने के बाद शाम को दिल्ली में उन्होंने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ के पांच हजार जवान रात भर तलाशी अभियान में जुटे रहेंगे। सुबह से फिर हेलीकाप्टरों को भी लगाया जाएगा। इस दौरान राज्य पुलिस और वन विभाग के अधिकारी पैदल भी जंगलों की खाक छानते रहे। घना जंगली इलाका होने के कारण राज्य सरकार ने स्थानीय नागरिकों से भी मदद की अपील की है।
दुआओं का दौर
59 वर्षीय रेड्डी के नेतृत्व में कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश में विधानसभा व लोकसभा चुनावों में लगातार दूसरी बार शानदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उनके लापता होने से खासी चिंतित रहीं। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि सोनिया और उनका दफ्तर पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। उन्होंने दो केंद्रीय मंत्रियो को आंध्र प्रदेश रवाना भी किया है। सोनिया ने रेड्डी की सलामती की दुआ की है। ऐसी ही दुआ आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और प्रजाराज्यम पार्टी के प्रमुख चिरंजीवी ने भी की है। चिदंबरम ने भी संवाददाताओं को तलाशी अभियान का ब्यौरा देते हुए कहा, 'हमें अभी तक कोई अच्छी खबर नहीं मिली है। हम रेड्डी और उनके परिवार के लिए दुआ करते हैं।
डीजीसीए ने दी सफाई
इस बीच, लापता बेल 430 हेलीकॉप्टर की उड़ान भरने की योग्यता संबंधी खबरों पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय [डीजीसीए] ने कहा है कि हेलीकाप्टर उड़ान भरने में पूरी तरह सक्षम था। खबरों में हेलीकाप्टर की उड़ान भरने की क्षमता पर सवाल उठाया गया था। डीजीसीए ने कहा है कि हेलीकॉप्टर के लिए जरूरी लाइसेंस का नियमित तौर पर नवीनीकरण किया गया था।
हैदराबाद में मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने कहा था कि इस विशेष विमान में नियमित तौर पर तकनीकी समस्या देखने में आ रही थी इसलिए फिलहाल इसका इस्तेमाल पायलटों के प्रशिक्षण के लिए किया जा रहा था। हवाई दुर्घटना के शिकार राजनेता
1. 23 जून, 1980 को नई दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास एक विमान दुर्घटना में संजय गांधी की मौत।
2. हरियाणा के प्रमुख उद्योगपति ओम प्रकाश जिंदल 31 मार्च, 2005 को हेलीकाप्टर दुर्घटना में मारे गए।
3.30 सितंबर, 2001 को हुई दुर्घटना में सुप्रसिद्ध कांग्रेसी नेता माधवराव सिंधिया मारे गए।
4. पूर्व लोकसभा अध्यक्ष जीएमसी बालयोगी तीन मार्च, 2002 आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले में हेलीकाप्टर दुर्घटना में मारे गए।