
नई दिल्ली। एक तरफ मितव्ययिता अभियान के तहत कांग्रेस के बड़े नेता जहां इकोनामी क्लास में चलने को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर इकोनामी क्लास को 'कैटल क्लास' की संज्ञा देकर नए विवाद को जन्म दे दिया है। थरूर ने यह टिप्पणी सोशल नेटवर्किग साइट ट्वीटर पर की है। कांग्रेस ने उनके इस बयान की कड़ी निंदा की है।
कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने मंगलवार को कहा कि हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। यह बयान हमारी राजनीतिक संस्कृति से मेल नहीं खाता। सभी भारतीयों की संवेदनशीलता के मद्देनजर उनका बयान स्वीकार करने योग्य नहीं है। नटराजन ने कहा कि निश्चित रूप से पार्टी उनके बयान की पुष्टि नहीं करती। यह पूरी तरह से असंवेदनशील है।
पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि हम इस टिप्पणी को मंजूर नहीं करते। देश में हजारों लोग इकोनामिक क्लास में सफर करते हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या मंत्री के रूप में थरूर का चयन एक गलत निर्णय था, नटराजन ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। मैं तो सिर्फ थरूर के बयान पर टिप्पणी करूंगी।
इस सवाल पर कि क्या उनके खिलाफ अनुशासन की कार्रवाई की जाएगी या उनसे स्पस्टिकरण मांगा जाएगा, पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि यह आलाकमान को तय करना है।
इससे पहले थरूर हाल ही में उस वक्त विवादों के घेरे में आए थे जब आर्थिक मंदी और देश के कुछ हिस्सों में सूखे की समस्या के मद्देनजर सरकार देश में मितव्ययिता अभियान चला रही थी और वे तीन महीने से एक पांच सितारा होटल में रह रहे थे।
इस बारे में मीडिया द्वारा जनता का ध्यान आकृष्ट किए जाने के बाद वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने उन्हें होटल का कमरा खाली करने को कहा था।
क्या कहा था थरूर ने..
थरूर ने फिजूलखर्जी रोकने संबंधी केंद्र सरकार के अभियान के तहत कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे उदाहरणों पर कहा था कि अब 'वह अपने साथ की सभी पवित्र गायों के साथ एकता दिखाते हुए 'मवेशी श्रेणी' की सवारी करेगे।'
दरअसल थरूर ने सोशल नेटवर्किग वेबसाइट ट्विटर पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उक्त बातें कही थी। थरूर से पूछा गया था कि क्या अगली बार जब वह केरल के दौरे पर जाएंगे तो 'मवेशी श्रेणी' में सफर करना पसंद करेगे। इसके जवाब में थरूर ने कहा, 'निश्चित तौर पर, अपने साथ की सभी पवित्र गायों के साथ एकता दिखाते हुए मैं भी 'मवेशी श्रेणी' की सवारी करूंगा।'