कर्नाटक संकट जारी, रेड्डी बंधु अड़े

 
Nov 03, 05:47 pm

बेंगलूर/नई दिल्ली। भाजपा आलाकमान ने भले ही कर्नाटक में मुख्यमंत्री बी.एस. येद्दयुरप्पा को बनाए रखने का फैसला सुना दिया हो, लेकिन बागी खेमा अभी भी उन्हें हटाए जाने पर अड़ा है। बगावत का झंडा उठाने वाले राज्य सरकार के मंत्री जनार्दन रेड्डी ने मंगलवार को पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज से मुलाकात के बाद भी यही कहा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं के हित में बहुत अच्छे नेतृत्व की जरूरत है। बाद में रेड्डी ने अनंत कुमार से भी मुलाकात की।

रेड्डी ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, 'भाजपा और कर्नाटक में पार्टी कार्यकर्ताओं के हित में हम राज्य में एक बहुत बेहतर नेतृत्व चाहते हैं। इस मामले में मेरा जो भी पक्ष है, मैं उसमें बदलाव करने नहीं जा रहा।'

अपने भाई जनार्दन रेड्डी के साथ मिलकर येद्दयुरप्पा हटाओ मुहिम की अगुवाई कर रहे कर्नाटक के राजस्व मंत्री करुणाकर रेड्डी ने मीडिया में आई उन खबरों को 'झूठ और मीडिया की उपज' करार दिया जिसमें पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के हवाले से यह कहा गया था कि येद्दयुरप्पा को मुख्यमंत्री पद पर बरकरार रखा जाएगा।

बेंगलूर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रेड्डी ने कहा कि सिंह ने उन्हें [येद्दयुरप्पा] को पद पर बरकरार रखे जाने के बारे में नहीं कहा है और कुछ घंटों के अंदर ही इस बाबत फैसला नहीं लिया जा सका।

रेड्डी ने कहा कि वह भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुझे सौ फीसदी उम्मीद है कि पार्टी राज्य के हित में बहुत बढि़यां नेतृत्व प्रदान करेगी।

अपने भाई जी करुणाकर रेड्डी के साथ जनार्दन रेड्डी, बी श्रीरामुलू और एदियुरप्पा मंत्रिमंडल के लगभग सभी मंत्री मुख्यमंत्री को हटाने की मुहिम छेड़े हुए हैं।

रेड्डी ने कहा, 'भाजपा को कर्नाटक में केवल पांच साल के लिए शासन नहीं करना है। पार्टी को बार-बार सत्ता में आनी चाहिए। इसका शासन 50 साल तक जारी रहना चाहिए।'

भाजपा सूत्रों का कहना है कि रेड्डी बंधुओं को शांत करने के लिए पार्टी प्रदेश मंत्रिमंडल में कुछ परिवर्तन करने और कुछ अधिकारियों के तबादले करने को तैयार है, लेकिन असंतुष्ट नेता इतने भर से संतुष्ट नहीं हो रहे हैं।

उधर, बिगड़ी बातें बनाने के मूड में नजर आ रहे येद्दियुरप्पा ने मंगलवार को रेड्डी बंधुओं की तारीफ के पुल बांधते हुए पिछले साल मई में सरकार बनाने में उनके द्वारा किए गए योगदान की सराहना की जब भाजपा पूर्ण बहुमत से थोड़ा पीछे रह गई थी और भाजपा को समर्थन देने के लिए निर्दलीय विधायक सामने आए थे।

रेड्डी बंधुओं के गृह जिले बेल्लारी में पत्रकारों से बातचीत में येद्दियुरप्पा ने कहा कि पूरी विनम्रता के साथ आज मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूं..यह सच है कि कुछ बुरे हालात में कुछ राजनीतिक भ्रम हुए। जब हम सरकार बना रहे थे, हमें रेड्डी बुंधुओं के सहयोग की जरूरत पड़ी और उन्होंने यहयोग दिया। येद्दियुरप्पा ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व समस्या दूर करने में लगा है और उन्होंने रेड्डी बंधुओं से बात की है।

भाजपा आलाकमान के निर्देश पर येद्दयुरप्पा भी गुरुवार को दिल्ली आ रहे हैं। इसके बाद ही राज्य में पार्टी में कई दिनों से जारी संकट हल करने का आखिरी फार्मूला तैयार किया जाएगा। वैसे, इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व में भी एक राय नहीं है। इसलिए संकट के जल्द समाधान के आसार कम ही हैं।




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