
नई दिल्ली [नीलू रंजन]। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की काली कमाई का साम्राज्य 4000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का हो सकता है।
आयकर विभाग चार दिन की पड़ताल के बाद भी उनकी कुल नामी बेनामी संपत्ति का हिसाब नहीं लगा पाया है, लेकिन उसके एक अधिकारी ने दावा किया कि यह निश्चित रूप से 4000 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें से 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा विदेश में हो सकते हैं।
केवल मुंबई के दो आपरेटरों के यहां 1500 करोड़ रुपये से अधिक हवाला के मार्फत विदेश भेजे जाने के दस्तावेज तो मिल भी चुके हैं।
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने मधु कोड़ा की 4000 करोड़ रुपये की संपत्ति का अनुमान लगाया था। पूछताछ के दौरान मधु कोड़ा की बीमारी और उनके अस्पताल में भर्ती होने से प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग के आला अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं। आसन्न राज्य विधानसभा चुनावों के मद्देनजर स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को रांची के लिए रवाना किया गया हैं, ताकि किसी भी स्थिति में उपयुक्त फैसला लिया जा सके। दरअसल, 'बीमारी' के बाद भी जांच एजेंसियां मधु कोड़ा को रियायत देने के लिए तैयार नहीं हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि कानून अपना काम करेगा और कोई भी कानून से बड़ा नहीं है। मुखर्जी ने इस जांच प्रकरण के पीछे किसी भी तरह की राजनीति से इन्कार किया।
सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग की पूछताछ के दौरान मुंबई के अरविंद व्यास नाम के एक हवाला आपरेटर ने स्वीकार किया है कि वह विदेशों में निवेश के बारे में मधु कोड़ा को अपनी सेवाएं दी हैं। अकेले इसने एक साल के दौरान लगभग 1100 करोड़ रुपये हवाला के मार्फत विदेश भेजा था। मुंबई के ही मनोज पुनामिया नाम के हवाला आपरेटर के यहां से जब्त दस्तावेजों में भी 400 करोड़ विदेश भेजे जाने के सबूत मिले हैं। साथ ही कुछ अन्य आपरेटरों द्वारा भी मधु की काली कमाई विदेश भेजे जाने की जांच की अभी चल रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार हवाला के माध्यम से विदेश भेजे गए अरबों रुपयों को इंडोनेशिया, सिंगापुर, लाओस और थाईलैंड में रीयल एस्टेट से लेकर खनन उद्योग तक में लगाया गया। यहां तक कि दक्षिण अफ्रीकी देश लाईबेरिया में मधु कोड़ा ने खुद अपने नाम से कोयले की एक खान खरीद ली।