
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। झारखंड में एक मजबूत गठबंधन बनाकर भाजपा को रोकने की कोशिश में जुटी कांग्रेस ने जहां पहले तीन चरणों के लिए 26 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। वहीं चुनाव के लिए संभावित साथियों को समझाने की कोशिश भी कर रही है। कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के साथ चुनावी तालमेल के आसार अब कम हो गए हैं। लेकिन अभी भी मरांडी को कांग्रेस कुछ सीटों पर दोस्ताना संघर्ष का प्रस्ताव देकर साथ लाने की कोशिशों में जुटी है।
गठबंधन को लेकर थोड़ी असमंजस में रही कांग्रेस ने मंगलवार को 26 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पहले चरण की 30 सीटों में से 15 सीटों पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसमें मधुपुर सीट भी शामिल है, जिसपर मरांडी का भी दावा था। इधर, दूसरे चरण की कांग्रेस की सूची में रामगढ़, मांडू और डुमरी में प्रत्याशी घोषित कर दिए गए हैं। जबकि इन तीनों सीटों पर मरांडी की नजर थी। मरांडी ने अनी 31 सीटों की सूची में साफ कर दिया था कि इन सीटों पर कोई समझौता नहीं हो सकता है।
जाहिर है कि कांग्रेस ने मरांडी की शर्त को पूरी तरह न मानकर संकेत दे दिया है कि वह चाहें तो अलग रास्ता अख्तियार कर सकते हैं। बहरहाल, सूत्रों का मानना है कि अभी गठबंधन की राह पूरी तरह बंद नहीं हुई है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस कुछ सीटों पर मरांडी के साथ दोस्ताना संघर्ष चाहती है। जबकि कुछ सीटें आजसू और कुछ दूसरे प्रभावी स्वतंत्र उम्मीदवारों को देना चाहती है। हालांकि मरांडी के करीबियों का मानना है कि अब कांग्रेस से समझौता मुश्किल है।
इधर विधानसभा में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश में कांग्रेस अपने पुराने साथी राजद के विधायकों को जोड़ने में भी नहीं हिचकिचाई। सारठ से राजद के पूर्व विधायक उदय शंकर सिंह इस बार कांग्रेस के प्रत्याशी हैं।