
नई दिल्ली, [जागरण ब्यूरो]। भाजपा ने देवबंद में जमीयत उलेमा हिंद के सम्मेलन में राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् गाने के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने के बावजूद गृह मंत्री पी. चिदंबरम के उसमें भाग लेने पर गहरी आपत्ति जताई है। पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस सम्मेलन का बहिष्कार करने के बजाए गृह मंत्री का यह आचरण देश में अलगाववादी ताकतों को बढ़ावा देने वाला है। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं की ऐसी करतूतों से ही अलगाववादियों व आतंकवादियों के हौंसले बुलंद होते हैं।
भाजपा नेता ने इस मामले पर कांग्रेस व सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी कठघरे में खड़ा किया है। नकवी ने प्रधानमंत्री से पूछा है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने वाले जमीयत उलेमा हिंद के सम्मेलन में गृह मंत्री पी चिदंबरम को शिरकत करने दारूल उलूम देवबंद जाना पड़ा। उन्होंने इस बात पर गहरा आश्चर्य जताया कि जब गृह मंत्री को मालूम हो गया था कि वंदेमातरम् गीत के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने के साथ सोमवार को सम्मेलन शुरू हुआ है तो वह आज उसमें क्यों शामिल हुए? इसके बाद तो उन्हें सम्मेलन का बहिष्कार करना चाहिए था। लेकिन चिदंबरम ने न केवल सम्मेलन में भाग लिया, बल्कि वंदेमातरम् के खिलाफ प्रस्ताव के विरुद्ध एक भी शब्द नहीं बोले।
नकवी ने कहा कि जब धार्मिक आस्थाओं के कारण वंदेमातरम् को गाने की अनिवार्यता नहीं है तो उसके खिलाफ प्रस्ताव पारित करके करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करने की क्या जरूरत थी? इसके बाद गृह मंत्री द्वारा वहां जाकर ऐसे कार्यक्रम को वैधानिकता प्रदान करने के क्या अर्थ हैं? इस तरह की अलगाववादी मानसिकता से आंतकवाद व नक्सलवाद से नहीं लड़ा जा सकता है। नकवी ने कहा कि वंदेमातरम् देश की आन-बान-शान का प्रतीक है।