महाराष्ट्र: राज्यपाल ने कहा, जनादेश का सम्मान हो

 
Nov 04, 09:39 pm

मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार के गठन पर कशमकश जारी रहने के बीच प्रदेश के राज्यपाल एस सी जमीर ने बुधवार को कांग्रेस-राकांपा गठजोड़ से जनादेश का सम्मान करने को कहा है। वहीं इन दोनों दलों ने एक-दो दिनों में राज्य में सरकार के गठन का वायदा किया है।

राज्यपाल ने कल प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल से मुलाकात की थी। जमीर ने आज कहा कि उन्होंने दोनों नेताओं से बिना देरी किए सरकार गठन की अपनी जिम्मेदारी निभाने को कहा है।

राज्यापाल ने शिवसेना भाजपा नेताओं के एक शिष्टमंडल से कहा कि वह यथाशीघ्र निर्वाचित सरकार गठित करने को लेकर बेहद उत्सुक हैं। राजभवन के प्रवक्ता ने बताया कि राज्यपाल ने शिष्टमंडल को बताया कि उन्होंने कार्यवाहक मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण और राकांपा नेता छगन भुजबल एवं आर आर पाटिल से कल कहा था कि चूंकि महाराष्ट्र के मतदाताओं ने उन्हें नया जनादेश दिया है लिहाजा यह उनकी जिम्मेदारी है कि जनादेश का सम्मान किया जाए और बिना विलंब किए सरकार का गठन किया जाए।

बहरहाल, महाराष्ट्र के राज्यपाल एस सी जमीर के कांग्रेस-राकांपा गठबंधन से जनादेश का सम्मान करने को कहे जाने के बाद कांग्रेस ने कहा कि वह सरकार का गठन करेगी और विलंब सिर्फ इसलिए हो रहा है ताकि सरकार गठन के बाद कोई किचकिच न हो।

दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने अगले एक दो दिनों में विभागों का मसला सुलझने और राज्य में सरकार के गठन की उम्मीद व्यक्त की।

कांग्रेस-राकांपा गठजोड़ के राज्यपाल की सलाह मानने के बारे में पूछे गए प्रश्न पर, कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद से कहा कि हां, निश्चित तौर पर हम जनादेश का सम्मान करेंगे।

इस बीच, बेंगलूर में केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि अगले एक दो दिनों में विभागों का मसला सुलझा लिया जाएगा और राज्य में सरकार का गठन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सरकार गठन के बाद कोई किचकिच नहीं चाहते इसलिए कुछ समय लग रहा है।

शकील अहमद ने याद दिलाया कि पिछले दो मौकों पर भी जब कांग्रेस और राकांपा ने महाराष्ट्र में सरकार बनाई थी, रूपरेखा तय करने में कुछ समय लगा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राकांपा दोनों में ही वरिष्ठ और परिपक्व नेता हैं। कम समय में ही चीजों का समाधान हो जाएगा।महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना गठजोड़ ने राज्यपाल एस सी जमीर से आज मुलाकात की और कहा कि यदि अगले 24 घंटे में राज्य सरकार शपथ नहीं लेती है तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए।

इधर, शिवसेना के विधानसभा में नेता सुभाष देसाई ने राज भवन में संवाददाताओं से कहा कि हमने राज्यपाल से कहा कि विधानसभा नतीजे आने के 13 दिन बाद भी सरकार के शपथ लेने के कोई आसार नहीं हैं। सत्तारूढ़ भागीदारों में मलाईदार विभागों को लेकर खींचतान हो रही है लिहाजा सरकार के गठन में विलंब हो रहा है।

देसाई ने कहा कि हमने राज्यपाल से आग्रह किया कि यदि अगले 24 घंटे में किसी मंत्रिमंडल को शपथ नहीं दिलाई गई तो उन्हें राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश केंद्र को भेज देनी चाहिए।

विधानसभा में भाजपा के नेता एकनाथ खडसे ने कहा कि 11वीं विधानसभा का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हो गया तथा कांग्रेस एवं राकांपा में विभागों को लेकर खींचतान चल रही है।

इससे पहले, भाजपा के विधानसभा में नेता एकनाथ खडसे और शिवसेना नेता सुभाष देसाई ने नेतृत्व में गए इस शिष्टमंडल ने आज राजभवन में जमीर से मुलाकात की। कांग्रेस और राकांपा ने आज सरकार निर्माण में आ रहे गतिरोध को तोड़ने की दिशा में कदम रखते हुए मंत्रालय विभाजन के मामले में वार्ता की। प्रदेश में पिछली विधानसभा का कार्यकाल कल खत्म हो गया।

राकांपा सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस और राकांपा के बीच मंत्रालयों के वितरण को लेकर आज शाम तक कोई समझौता होने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि नए मंत्रिमंडल का गठन 'मुहूर्त' के अनुसार किसी भी समय पर हो सकता है।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के परिणामों की घोषणा 22 अक्तूबर को हो गई थी, लेकिन मंत्रालय विभाजन के मामले को लेकर अभी तक दोनों पार्टियों के बीच मतभेद हैं। राकांपा से 20 सीट ज्यादा पाने के कारण कांग्रेस इस बार ज्यादा मंत्रालयों की मांग कर रही है, जबकि राकांपा मंत्रालयों के विभाजन के लिए 1999 का फार्मूला लागू करने को प्राथमिकता दे रही है।




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