
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। झारखंड में जनता जद [यू] का दबाव काम आ गया। भाजपा और जदयू नेतृत्व ने आमने-सामने बैठकर गठबंधन पर तालमेल बना लिया है। जदयू अब राज्य में 14 सीटों पर लड़ेगा। बाकी सभी सीटों पर भाजपा अपना उम्मीदवार उतारेगी। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने संयुक्त रूप से इसकी घोषणा कर दी।
भाजपा और जदयू के बीच चल रहा मोलभाव गुरुवार को खत्म हो गया। बुधवार को जदयू ने अपनी ओर से 22 सीटों की घोषणा कर भाजपा पर राजनीतिक दबाव बना दिया था। गुरुवार की सुबह संकट खत्म करने की कवायद तेज हुई। दोनो दलों के नेताओं के बीच बैठक कर सहमति बना ली गई कि जदयू 14 सीटों पर लड़ेगा। गौरतलब है कि इससे पहले जदयू कम से कम 18 सीटों की मांग कर रहा था। लेकिन भाजपा उसे मानने को तैयार नहीं थी। आखिरकार जदयू इतने भर से संतुष्ट हो गया कि उसके सभी प्रमुख नेताओं के लिए सीट देने पर भाजपा तैयार हो गई। खासकर बोकारो सीट के लिए जदयू को खासी मेहनत करनी पड़ी।
बहरहाल, गठबंधन की घोषणा करते हुए राजनाथ सिंह और शरद यादव ने उम्मीद जताई कि राज्य में संप्रग सरकार से त्रस्त जनता भाजपा-जदयू को वापस सत्ता में देखना चाहती है। दोनों दलों के बीच पुरानी दोस्ती है और इस बार भी उसे ही कायम रखा गया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ही पूर्ववर्ती सरकार के भ्रष्टाचार का मामला उजागर हो चुका है। जनता सबकुछ देख रही है कि उसे कैसे लूटा गया था। जाहिर है कि भ्रष्टाचार ही सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा होगा।
इधर शरद से यह पूछे जाने पर कि क्या उनका दबाव काम आ गया, उन्होंने कहा-' हमने कोई दबाव बनाया ही नहीं था। कल तक सहमति नहीं बनी थी, आज बात बन गई। सहमति के बाद अब जदयू जिन 14 सीटों पर लड़ेगा उसके अनुसार शिकारीपाड़ा से राजा मरांडी, सारठ से जयकुमार सिंह, देवघर से कामेश्वर नाथ दास, मांडू से खीरू महतो, डुमरी से दामोदर महतो, बोकारो से शैलेंद्र महतो, चंदनक्यारी से हारू रजवार, बाघमारा से जलेश्वर महतो, तमाड़ से राजा मरांडी, पांकी से मधु सिंह, विश्रामपुर से सीएस दुबे, छतरपुर से सुधा चौधरी, हुसैनाबाद से दशरथ सिंह और भवनाथपुर से रामचंद्र केसरी लड़ेंगे। इसके साथ ही भाजपा-जदयू गठबंधन के 73 उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है। बाकी के आठ नाम तय करने का अधिकार भाजपा ने अध्यक्ष राजनाथ सिंह पर छोड़ दिया है।