कर्नाटक: फिर उलझा भाजपा का संकट

 
Nov 06, 12:03 am

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। भजपा का कर्नाटक संकट सुलझने के करीब पहुंचकर फिर से उलझ गया है। कर्नाटक की एक मात्र महिला मंत्री की कुर्बानी, एक बड़े अधिकारी के तबादले, जगदीश शेंट्टार को मंत्री बनाने और रेड्डी बंधुओं को तमाम सहूलियतों के पैकेज फार्मूले के बावजूद भाजपा के बागी खेमे के सुर नरम नहीं पड़े हैं।

गुरुवार दोपहर बाद बात कुछ बनती नजर आई, लेकिन देर शाम मामला फिर गड़बड़ा गया। आडवाणी के निवास पर हुई पार्टी के केंद्रीय नेताओं की बैठक में येद्दयुरप्पा को बुलाकर सरकार पर खतरे के बारे में बताया गया। इसके बाद येद्दयुरप्पा ने पूरे मामले पर लखनऊ गए पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह से बात की। मुख्यमंत्री खेमे ने इस मामले को पहले से ही हवा दे रहे कुछ केंद्रीय नेताओं पर भी सवाल उठाए हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री खेमे ने इस मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं से भी बात की है। येद्दयुरप्पा को संघ का करीबी माना जाता है।

दरअसल दिन में सब कुछ सही दिशा में चल रहा था। लखनऊ रवाना होने से पहले पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने सभी केंद्रीय नेताओं के साथ और मुख्यमंत्री की सहमति से एक फार्मूला तैयार किया था। इसमें येद्दयुरप्पा को कुछ पीछे हटने को कहा गया था। फार्मूले में मुख्यमंत्री की करीबी मानी जाने वाली मंत्री शोभा करंदलाजी से इस्तीफा लेने, विधानसभा अध्यक्ष जगदीश शेंट्टार को मंत्री बनाने, प्रधान सचिव को हटाने और रेड्डी बंधुओं को कुछ व्यावसायिक सुविधाएं देना शामिल था। फार्मूले के बाद दिल्ली में डेरा डाले असंतुष्ट नेता जर्नादन रेड्डी ने बेहतर निर्णय लेने का भरोसा भी जताया।

लेकिन, थोड़ी देर बाद ही उन्होंने मुख्यमंत्री को बदलने की मांग भाजपा नेताओं तक पहुंचा दी। इससे मामला फिर बिगड़ गया। सूत्रों के अनुसार रेड्डी बंधु अभी अपनी कुछ और मांगें मनवाना चाहते हैं। दिन भर चले मंत्रणाओं के दौर के बाद भाजपा नेताओं अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, वेंकैया नायडू और अनंत कुमार ने शाम को लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की। यहां पर थोड़ी देर बाद येद्दयुरप्पा भी पहुंच गए। उन्हें नई स्थिति के बारे में बताया गया। सूत्रों के अनुसार उनसे कहा गया कि सरकार पर अब संकट है और इसके लिए वे क्या कर सकते हैं? मतलब साफ था कि सरकार बचाने के लिए येद्दयुरप्पा खुद हटेंगे क्या? बताया जाता है कि येद्दयुरप्पा कुछ जवाब दिए बगैर वहां से चले गए और राजनाथ से बात की। सूत्रों के अनुसार उनकी ओर से येद्दयुरप्पा को आश्वस्त किया गया कि सरकार भले ही चली जाए, लेकिन उन्हें नहीं हटाया जाएगा। राजनाथ शुक्रवार को दिल्ली आकर इस मामले पर फिर बात करेंगे। हालांकि आडवाणी के घर से बाहर निकलने के बाद वेंकैया ने कहा कि सकारात्मक बातचीत चल रही है और एक-दो दिन में समाधान हो जाएगा।

सूत्रों के अनुसार येद्दयुरप्पा ने भाजपा नेताओं के सामने यह बात भी रखी कि पहले तो पार्टी के भीतर ही समस्या का समाधान किया जाए, लेकिन बात नहीं बनती है सरकार बचाने के लिए वे जद-एस से बात कर सकते हैं। भाजपा आलाकमान हालांकि पहले घर में ही समस्या समाधान का इच्छुक है।




लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(7) वोट का औसत

average:3.857144
Saving...
    शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
  • राजनीति
    Add to My Yahoo! xml
  • अपराध
    Add to My Yahoo! xml
  • दुर्घटना
    Add to My Yahoo! xml
  • आतंकवाद
    Add to My Yahoo! xml
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित