गृहमंत्री पर बरसे, रामदेव का किया बचाव

फैजाबाद/अयोध्या/रामपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रमुख कुसी सुदर्शन शुक्रवार को यहां गृहमंत्री पी. चिदम्बरम पर तो जमकर बरसे लेकिन योग गुरु बाबा रामदेव का बचाव किया। वहीं दूसरी ओर योग गुरु का बचाव करके सुदर्शन भी संतों का कोपभाजन बन गये।

वह वंदेमातरम् के खिलाफ फतवा जारी करने वाले जमीयत-ए-हिन्द के मंच पर दोनों की उपस्थिति के मामले में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बाबा रामदेव को इस बात के लिए साधुवाद दिया कि उन्होंने योग को मुसलमानों में स्वीकार्य बना दिया। अयोध्या के उदासीन आश्रम में आयोजित गुरुजन स्मृति एवं श्रद्धांजलि समारोह में हिस्सा लेने आये सुदर्शन ने कहा कि फतवा की जानकारी न होने और अपने बचाव में बहुसंख्यकों को अल्पसंख्यकों का ध्यान रखने की नसीहत देकर गृहमंत्री ने मुस्लिम तुष्टिकरण का एक और उदाहरण पेश किया है। इसी कार्यक्रम में बाबा रामदेव की भी मौजूदगी के सवाल पर संघ के पूर्व प्रमुख ने कहा कि उन्होंने तो वहां योग कराया था। पहले तो मुसलमानों को योग भी स्वीकार नहीं था। बाबा रामदेव के कारण वे एक कदम तो आगे बढ़े। मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल फजल अली का एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में उज्जैन कुंभ के दौरान क्षिप्रा नदी में स्नान किया था और अपने पूर्वजों का तर्पण किया था। तत्समय पत्रकारों के एक सवाल पर फजले अली ने कहा था कि सबसे पहले वह मस्जिद में गये और नमाज पढ़ा, फिर 300 साल पहले तक के पूर्वजों को याद करने कब्रिस्तान में गये और अब तीन हजार साल पहले के पूर्वजों के लिए यहां तर्पण कर रहे हैं।

उधर, बाबा रामदेव पर पहले से ही खफा और उनकी टिप्पणी के बाद अखिल भारतीय षड्दर्शन अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महन्त ज्ञानदास ने शुक्रवार को सुदर्शन को भी चापलूस करार दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग वंदेमातरम नहीं बोल सकते उन्हें इस देश में रहने का अधिकार नहीं है। पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द ने बगैर किसी का नाम लिये कहा कि वंदेमातरम् से जिन्हें भी एतराज हो, वे देश छोड़ दें। गोरक्षपीठ के उत्ताराधिकारीव सांसद योगी आदित्यनाथ ने भी बिना नाम लिये स्वामी रामदेव पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वंदेमातरम् पर एतराज जताने वालों के साथ बैठकर देशप्रेम की बात नहीं की जा सकती।

उधर, रामपुर में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् का विरोध करने वाले देशभक्त नहीं हो सकते। इस मामले में उन्हें धमकियां दी जा रही हैं लेकिन वे डरने वाले नहीं। उन्होंने कहां कि कुछ दिनों पहले हमारे गृह मंत्री एक ऐसे कार्यक्रम में चले जाते हैं, जिसकी शुरुआत राष्ट्रीय गीत के विरोध से होती है। विवाद राष्ट्र गीत गाने या न गाने को लेकर नहीं है, बल्कि देश का गृह मंत्री ऐसे कार्यक्रम में शिरकत करने को लेकर है क्योंकि यह संविधान का मजाक उड़ाना है।




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