
चंडीगढ़। राज्य विधानसभा में विश्वास मत के दौरान अल्पमत वाली कांग्रेस सरकार की नैया पार लगाने वाले सभी सात निर्दलीय विधायकों को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शनिवार को मंत्री और मुख्य संसदीय सचिव पदों से पुरस्कृत किया।
13 दिन पुराने मंत्रिमंडल के विस्तार में कैबिनेट स्तर के छह और राज्य स्तर के तीन मंत्री शामिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री सहित अब मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 10 हो गई है।
मंत्रियों को राजभवन में राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने शपथ दिलाई। कैबिनेट स्तर के छह मंत्रियों में से पांच कांग्रेस के है, जबकि एक निर्दलीय विधायक है। राज्य स्तर के सभी तीन मंत्री निर्दलीय विधायक हैं। शेष तीन निर्दलीय विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया है जिन्हें मुख्यमंत्री ने शपथ दिलाई।
राज्य में लगातार दूसरी बार आई कांग्रेस सरकार का यह पहला मंत्रिमंडल विस्तार था। कांग्रेस को इस बार सिर्फ 40 सीटें मिली थीं और 90 सदस्यीय विधानसभा में उसे साधारण बहुमत के लिए छह विधायकों की जरूरत थी। ऐसे में सभी सातों निर्दलीय विधायक हुड्डा के लिए संकट मोचक बनकर उभरे और इस तरह कांग्रेस लगातार दूसरी बार सरकार बनाने में कामयाब हो गई।
इस बार के चुनावों में कांग्रेस को 27 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। 2005 में उसने 67 सीटें जीती थी। हुड्डा ने कांग्रेस के छह विधायकों को भी मुख्य संसदीय सचिव के रूप में शपथ दिलाई। राज्य मंत्रिमंडल में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 14 हो सकती है।
पिछली हुड्डा सरकार के 13 मंत्रियों में से सिर्फ दो को ही इस बार मंत्री बनाया गया है, जिनके नाम अजय यादव और रणदीप सुरजेवाला हैं। पिछले मंत्रिमंडल में मंत्री रहे हरिमोहिंदर सिंह को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। क्योंकि हरियाणा जनहित कांग्रेस [बीएल] के नेता कुलदीप विश्नोई के साथ बातचीत निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई, इसलिए कुछ मंत्री पद खाली रखे गए हैं, ताकि समझौते की स्थिति में हजकां विधायकों को सरकार में व्यवस्थित किया जा सके।
अजय यादव और रणदीप सुरजेवाला के अतिरिक्त आज कैबिनेट स्तर के जिन अन्य मंत्रियों ने शपथ ली, उनमें महेंद्र प्रताप सिंह, परमवीर सिंह और गीता बुकल [सभी कांग्रेस] तथा ओमप्रकाश जैन [निर्दलीय विधायक] हैं। राज्य मंत्रियों के रूप में शपथ लेने वाले तीन निर्दलीय विधायक शिवचरण शर्मा, गोपाल कांडा और सुखबीर कटारिया हैं। कटारिया को बाद में शपथ दिलाई गई, क्योंकि वह समय पर राजभवन नहीं पहुंच पाए। शेष तीन निर्दलीय विधायकों जलेब खां, प्रहलाद सिंह गिल्लन खेड़ा और सुल्तान सिंह को हुड्डा ने एक अलग समारोह में मुख्य संसदीय सचिव के रूप में शपथ दिलाई।
कांग्रेस के जिन छह विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव के रूप में शपथ दिलाई गई, उनमें शारदा राठौर, अनीता यादव, रामकृष्ण फौजी, राव दान सिंह, धर्मवीर और जयवीर वाल्मीकि शामिल हैं। नए मंत्रिमंडल में शामिल किए गए परमवीर सिंह पिछले मंत्रिमंडल में संसदीय सचिव थे।
हालांकि, पिछले मंत्रिमंडल में मंत्री रहीं और इस बार भी जीत दर्ज करने वाली दो महिला विधायकों किरण चौधरी तथा कांग्रेस सांसद नवीन जिन्दल की मां सावित्री जिन्दल को इस बार सरकार में शामिल नहीं किया गया है।
मंत्रिमंडल विस्तार में इसलिए विलम्ब हुआ, क्योंकि जिन सात निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनी, वे मलाईदार पदों की मांग कर रहे थे। मंत्रिमंडल विस्तार कल होना था, लेकिन इसे आखिर में स्थगित कर दिया गया। आज किए गए मंत्रिमंडल विस्तार में सभी सातों निर्दलीय विधायकों को समर्थन के एवज में पुरस्कार मिल गया।