
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी अगले वर्ष नए अध्यक्ष के कार्यभार संभालने के बाद ही हटेंगे।
आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक राम माधव ने कहा कि वर्तमान भाजपा अध्यक्ष का कार्यकाल इस वर्ष दिसंबर में समाप्त हो जाएगा। नए अध्यक्ष के कार्यभार संभालने की औपचारिकता जनवरी के अंत तक पूरी हो जाएगी। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, तब पूर्व में तय विषयों के अनुरूप आडवाणी हट जाएंगे।
इससे पहले ऐसी खबरें आई थी कि आडवाणी अपने जन्मदिन पर राजनीति से संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। आरएसएस नेतृत्व ने आडवाणी से अपना उत्तराधिकारी चुनने के साथ दिसंबर में राजनाथ सिंह का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सहज नेतृत्व परिवर्तन सुनिश्चित करने को कहा है।
भाजपा के एक नेता ने भी ऐसा ही विचार व्यक्त किए। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इसका अर्थ हुआ कि कल 82वां जन्मदिन मनाने वाले आडवाणी फरवरी-मार्च 2010 में लोकसभा में विपक्ष का पद छोड़ सकते हैं।
राम माधव ने कहा कि इस मुद्दे पर ताजा चर्चा नहीं हुई है। इस विषय पर पिछले महीने चर्चा हुई थी जब आरएसएस प्रमुख और भाजपा नेतृत्व के बीच बैठकों का सिलसिला चला था। बहरहाल, भागवत ने एक समाचार चैनल से साक्षात्कार में कहा था कि उन्हें भाजपा नेताओं ने बताया कि नया अध्यक्ष दिल्ली से बाहर से होगा। भागवत ने कहा कि वरिष्ठ पार्टी नेता अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, एम वेंकैया नायडु और अनंत कुमार का नाम इस च्च्च पद के लिए खारिज कर दिया गया है।
समझा जाता है कि आरएसएस और भाजपा सवाचर््च्च नेतृत्व ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि नया पार्टी अध्यक्ष संघ की पृष्ठभूमि का होना चाहिए और उसकी आयु 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उस व्यक्ति के बहुमुखी होने के साथ पार्टी और संघ को साथ लेकर चलने की क्षमता होनी चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि नया पार्टी अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इसे नवंबर के अंत तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है तथा दिसंबर तक सहमति बना ली जाएगी। राजनाथ सिंह जनवरी तक अपने पद पर बने रह सकते हैं हालांकि उनका कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है।