
श्रीनगर। केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि हुरियत के नेताओं को कश्मीरियों के हित में केंद्र के बातचीत के न्यौते को स्वीकार कर लेना चाहिए।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर मसले का हल केवल बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है। यहां से 55 किमी दूर शोपिआं में जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष अब्दुल्ला ने कहा कि मैं हुरियत के नेताओं से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के न्यौते को स्वीकार करने की अपील करता हूं और चाहता हूं कि वे कश्मीरियों के हित में बातचीत का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग शांति पसंद करने वाले हैं और हिंसा में विश्वास नहीं रखते हैं। यह हमारा कर्तव्य है कि हम लोगों की भावनाओं का आदर करें।
उन्होंने कहा कि हमारा युवा वर्ग बेरोजगारी का शिकार है और वे उचित रास्ते की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कश्मीर की समस्या का हल बातचीत के जरिए नहीं हो सकता है तो फिर इसका हल किस प्रकार होगा।