
लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव फिरोजाबाद संसदीय सीट पर कांग्रेस के राजबब्बर से 85 हजार वोटों से चुनाव हार गईं। एक लोकसभा और 11 विधानसभा सीटों में से सपा को एक भी सीट नहीं मिली। उपचुनावों में बसपा का जादू मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला। उसने कुल नौ सीटों पर जीत दर्ज कर ली। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य पडरौना से चुनाव जीत गए हैं। कांग्रेस ने फिरोजाबाद के साथ-साथ लखनऊ पश्चिम की भी सीट जीत ली। फिरोजाबाद और लखनऊ के चुनावी नतीजों से उत्साहित कांग्रेस के लिए झटके की बात यह है कि तीन केंद्रीय मंत्रियों के 'घरों' में कांग्रेस प्रत्याशी हार गए। केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह की माता रानी मोहिनी देवी भी चुनाव नहीं जीत सकीं। वाराणसी की कोलअसला सीट पर निर्दलीय अजय राज चुनाव जीत गए। उपचुनाव में भाजपा का तो खाता भी नहीं खुला।
जिन सीटों पर उपचुनाव हुआ, उसमें आम चुनाव में फिरोजाबाद की संसदीय सीट सहित पांच विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। दो-दो सीटें बसपा, कांग्रेस और भाजपा के कब्जे वाली थीं। बसपा को जिन विधानसभा सीटों पर जीत मिली है, उसमें इसौली, रारी, हैसरबाजार, पडरौना, पुवायां, झांसी, ललितपुर, इटावा और भरथना शामिल हैं। झांसी की सीट बसपा ने सिर्फ नौ वोटों से जीती।
फिरोजाबाद संसदीय सीट इस लिए प्रतिष्ठापूर्ण हो गई थी कि यहां पर मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू डिंपल यादव मैदान में थी और कांग्रेस ने उनके मुकाबले राजबब्बर को मैदान में उतार दिया था। बसपा की तरफ से एसपी सिंह बघेल थे। आम चुनाव में इस सीट पर अखिलेश यादव जीते थे। चूंकि वह कन्नौज से भी चुनाव जीत गए थे, इस लिए उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दे दिया। उपचुनाव में राजबब्बर को तीन लाख 12 हजार 728 वोट मिले, जबकि जबकि डिंपल यादव यादव दो लाख 27 हजार 385 वोट ही पा सकीं। बसपा के एसपी सिंह बघेल को दो लाख 13 हजार 571 मत मिले।
सुलतानपुर की इसौली सीट बसपा ने सपा से छीन ली। आम चुनाव में इस सीट पर सपा प्रत्याशी के रूप में चंद्रभद्र सिंह जीते थे लेकिन बाद में वह बसपा में शामिल हो गए और उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उपचुनाव वह बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार जय नारायण तिवारी को 49,377 मतों से पराजित कर दिया। सपा यहां तीसरे नम्बर पर रही। उसके उम्मीदवार मणिभद्र सिंह सिर्फ 16 हजार 939 मत पा सके।
इटावा सपा प्रमुख मुलायम सिंह गृह क्षेत्र हैं। यहां की दो विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हो रहा था और दोनों पर सपा हार गई। आम चुनाव में इन दोनों सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी। भरथना की सीट पर खुद मुलायम सिंह यादव जीते थे। उनके इस्तीफा देने की वजह से यह सीट खाली हुई जबकि इटावा विधान सभा सीट से जीते सपा विधायक महेंद्र राजपूत ने बाद में बसपा की सदस्यता ले ली और उन्हें सदन की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा। उपचुनाव में भरथना सीट पर बसपा के शिव प्रसाद यादव ने सपा के प्रदीप यादव को 15809 मतों से पराजित किया। शिव प्रसाद को 61396 और प्रदीप यादव को 45587 मत मिले जबकि कांग्रेस के विनोद यादव 31166 वोट पाकर तीसरे नम्बर पर रहे।
इटावा की सीट पर बसपा उम्मीदवार के रूप में महेंद्र राजपूत ने जीत दर्ज की। उन्होंने 76093 मत प्राप्त कर सपा के विमल भदौरिया को 32 हजार 827 मतों से पराजित किया। भाजपा की सरिता भदौरिया को सिर्फ 6376 और कांग्रेस के संतोष चौधरी को 4036 मत मिले।
पडरौना सीट पर आम चुनाव में कांग्रेस के आरपीएन सिंह ने जीते थे। लोकसभा के आम चुनाव में वह सांसद हो गए और केंद्र में मंत्री बन गए। उपचुनाव में इस सीट पर उनकी माता रानी मोहिनी देवी कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में मैदान में थी लेकिन बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने यहां 53 हजार मतों से जीत दर्ज की। मोहिनी देवी तीसरे नम्बर खिसक गई। उन्हें सिर्फ 27994 वोट मिले। सपा के शाकिर अली दूसरे नम्बर पर रहे। उन्हें 28015 वोट मिले। भाजपा के गुड्डू पांडे चौथे नम्बर पर रहे। लोकसभा चुनाव में स्वामी प्रसाद मौर्य आरपीएन सिंह चुनाव हार गए थे। झांसी विधानसभा सीट पर केंद्रीय मंत्री प्रदीप कुमार जैन आदित्य की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। विधानसभा के आम चुनाव में वह इसी सीट पर चुनाव जीते थे लेकिन जब वह सांसद हो गए तो उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल बट्टा चौथे स्थान पर खिसक गए। इस सीट पर बसपा उम्मीदवार कैलाश साहू ने 35944 वोट पाकर निर्दलीय बृजेंद्र कुमार व्यास को सिर्फ नौ वोटों से पराजित किया। भाजपा यहां तीसरे स्थान पर रही।
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के गृह क्षेत्र शाहजहांपुर में में पुवायां विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ गया। विधानसभा के आम चुनाव में इस सीट पर सपा उम्मीदवार के रूप में मिथिलेश कुमार ने जीत दर्ज की थी, जब वह सांसद हो गए तो उन्होंने यह सीट छोड़ दी। उनके भाई सुरजन लाल सपा उम्मीदवार थे। उपचुनाव में यह सीट बसपा ने जीत ली। बसपा उम्मीदवार धीरेंद्र प्रसाद ने 27512 मतों से कांग्रेस के चेतराम को पराजित किया। सपा तीसरे स्थान पर रही।
संत कबीरनगर की हैसर बाजार विधानसभा सीट भी बसपा ने सपा से छीन ली। आम चुनाव में यहां से सपा उम्मीदवार के रूप में दशरथ चौहान जीते थे लेकिन वह बसपा में शामिल हो गए। उन्होंने सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उपचुनाव में वह बसपा के उम्मीदवार थे। उन्होंने 8797 मतों से कांग्रेस उम्मीदवार नीलमणि प्रसाद को पराजित किया। सपा के अलगू चौहान तीसरे नम्बर पर रहे।
वाराणसी की कोलअसला सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अजय राय ने अपना कब्जा बरकरार रखा। आम चुनाव में वह भाजपा के टिकट पर जीते थे। लोकसभा चुनाव में वह सपा के उम्मीदवार हो गए लेकिन हार गए। बाद में उन्होंने भाजपा और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उपचुनाव में सपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ गए। उन्होंने मतों 8837 मतों से बसपा उम्मीदवार जेपी मिश्र को पराजित किया। इस सीट पर अपना दल के सरोज चौबे 32 हजार वोट पाकर तीसरे नम्बर पर रहे। सपा यहां चौथे स्थान पर चली गई।
ललितपुर की विधानसभा सीट पर बसपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा। आम चुनाव में जीते उसके विधायक के निधन के कारण उपचुनाव में हुआ। उपचुनाव में बसपा विधायक के रूप में दिवंगत विधायक की पत्नी सुमन कुशवाहा ने 14667 मतों से सपा के चंद्रभूषण बुंदेला को पराजित किया। कांग्रेस यहां तीसरे नम्बर पर रही। उसके उम्मीदवार को 29479 वोट मिले।
जौनपुर की रारी सीट भी बसपा के ही कब्जे में रही। इस सीट पर आम चुनाव में जदयू उम्मीदवार के रूप में धनंजय सिंह जीते थे। बाद में वह बसपा में शामिल हो गए। लोकसभा के चुनाव में वह बसपा के टिकट पर सांसद हो गए तो उनके इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर उनके पिता राजदेव सिंह को बसपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव के मैदान में उतरे। उन्होंने 13617 मतों से सपा के ओम प्रकाश दुबे को पराजित किया। कांग्रेस के उम्मीदवार को सिर्फ 4880 और भाजपा उम्मीदवार को 3841 वोट ही मिले। लखनऊ पश्चिम विधानसभा सीट कांग्रेस के श्याम किशोर शुक्ला ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार अमित पुरी को 2176 मतों से पराजित किया।