विवाद के बीच चुनाव आयोग ने खींचे पांव

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश के अमेठी में प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा की मोटर साइकिल रैली रोके जाने के बाद चर्चा में आए स्थानीय चुनाव पर्यवेक्षक पीके सैन के तबादले पर चुनाव आयोग ने पैर खींच लिए हैं। राजनीतिक दलों की ओर से उठी आपत्ति के बाद आयोग ने उनकी जगह अब दौलत ए. हवलदार को दक्षिण गोवा का जिलाधीश नियुक्त किया है।

पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग पार्टियों की ओर से निशाने पर रहे चुनाव आयोग को सैन के मामले में फैसला वापस लेना पड़ा। गौरतलब है कि सोमवार को आयोग ने सैन को अमेठी से हटाकर गोवा भेजने का निर्णय लिया था। इस निर्णय पर भाजपा समेत कुछ दलों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए आशंका जताई थी कि इससे आयोग पर अंगुली उठ सकती है। दरअसल यह फैसला तब आया था जब सैन ने वाड्रा की रैली रोकी थी। सैन का कहना था कि वाड्रा को इस तरह की रैली निकालने की अनुमति नहीं थी। आयोग भी उनके इस कदम को कानूनसम्मत मानता है।

आयोग ने हालांकि सफाई देकर यह स्पष्ट किया है कि सैन के तबादले पर एक सप्ताह से विचार चल रहा था। दक्षिण गोवा के जिलाधिकारी को हटाने की मांग थी। लिहाजा सैन को वहां भेजने का निर्णय लिया गया था और यह फैसला उक्त घटना से पहले ही हो चुका था, लेकिन राजनीतिक विवाद के डर ने आयोग को फैसला बदलने के लिए मजबूर कर दिया। आयोग ने बयान जारी कर कहा कि संबंधित जिले यानी अमेठी में चुनाव संपन्न होने तक सैन वहीं तैनात रहेंगे।

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