नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। उत्तराखंड में चुनाव तो खत्म हो गए, लेकिन प्रदेश भाजपा की अंदरूनी लड़ाई रुकने के बजाय और बढ़ गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' जहां दो दिन पहले केंद्रीय नेताओं से मिलकर वर्तमान मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के खिलाफ अपनी भड़ास निकाल गए, वहीं खंडूड़ी भी निशंक के खिलाफ सबूत लेकर दिल्ली पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि बुधवार को वे केंद्रीय नेताओं से मिलकर उनकी शिकायत करेंगे।
राज्य में नेताओं के बीच छिड़ी जंग अब दिल्ली तक पहुंच गई है। गौरतलब है कि निशंक और खंडूड़ी का आपसी तनाव उसी दिन से है जब निशंक को हटाकर खंडूड़ी को मुख्यमंत्री बनाया गया था। चुनावी प्रचार में यह खुलकर दिखा था। प्रदेश में ऐसे लोगों को पार्टी ने निकाला या निलंबित किया गया है जिन्हें पार्टी के खिलाफ कार्य करते देखा गया था।
ऐसे में पिछले रविवार और सोमवार को दिल्ली में मौजूद निशंक ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी, लालकृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली समेत कुछ नेताओं से मिलकर शिकायत की थी कि पार्टी के अंदर ही एक खेमा उन्हें हराने की कोशिश कर रहा था। अब उन लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है जो उनके समर्थक माने जाते हैं।
मंगलवार को खंडूड़ी दिल्ली पहुंच चुके हैं। बताते हैं कि बुधवार को सरकारी कामकाज निपटाने के बाद वह केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। बताते हैं कि वह चुनाव के दौरान निशंक और उनके समर्थकों के पार्टी विरोधी कामकाज का सबूत लेकर पहुंचे हैं।
सूत्र बताते हैं कि खंडूड़ी का पलड़ा भारी है क्योंकि पार्टी नेतृत्व ने ही उन्हें मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किया था। कोटद्वार में निशंक और उनके समर्थकों के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश किया गया तो उनके लिए मुश्किलें बढ़ेंगी।
ध्यान रहे कि छह मार्च को चुनाव नतीजे आने हैं। जिस तरह राज्य में मतदान प्रतिशत बढ़ा है उससे सत्ताधारी भाजपा सरकार बहुत उत्साहित नहीं है। ऐसे में दोनो खेमे की ओर से हार का ठीकरा एक दूसरे के सिर फोड़ने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है।
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