अहमदाबाद। गोधरा कांड के बाद राज्य में हुए भीषण दंगों को लेकर गुजरात हाई कोर्ट ने बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि सरकार की निष्क्रियता और लापरवाही की वजह से राज्य में अराजक स्थिति पैदा हो गई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को दंगों के दौरान राज्य भर में क्षतिग्रस्त की गई 500 से ज्यादा धार्मिक इमारतों के लिए मुआवजा देने का आदेश सुनाया है।
इस्लामिक रिलीफ कमेटी ऑफ गुजरात [आइआरसीजी] की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश भास्कर भंट्टाचार्य और जस्टिस जेबी परदीवाला की पीठ ने कहा, 'राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। दंगे रोकने के लिए गुजरात सरकार के अपर्याप्त प्रयास और निष्क्रियता की वजह से अराजक स्थिति पैदा हुई, जो कई दिन तक जारी रही। इस निष्क्रियता और लापरवाही की वजह से ही बड़े पैमाने पर धार्मिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।'
अदालत ने कहा, जब सरकार ने दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त किए गए घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए मुआवजा दिया तो उसे धार्मिक इमारतों के लिए भी मुआवजा देना चाहिए। अदालत ने राज्य के सभी 26 जिलों के मुख्य जजों को निर्देश दिया है कि वे संबंधित जिले की क्षतिग्रस्त धार्मिक इमारतों के मुआवजे से संबंधित शिकायतें लेंगे और उनका निपटारा करेंगे। उन्हें छह महीने के भीतर हाई कोर्ट को अपने निर्णयों से अवगत कराना होगा। दंगों के दौरान गुजरात में 1200 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी गई थी।
आइआरसीजी ने वर्ष 2003 में यह याचिका दाखिल की थी। इसमें हाई कोर्ट से दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त की गई धार्मिक इमारतों के लिए राज्य सरकार को मुआवजे का निर्देश देने की मांग की गई थी। आइआरसीजी ने कहा था कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इसकी सिफारिश की थी। राज्य सरकार ने यह कहते हुए याचिका का विरोध किया था कि यह संविधान के अनुच्छेद 27 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है जो किसी धर्म विशेष के प्रोत्साहन के लिए सरकार को कोई भी कर लगाने से रोकती है। सरकार ने यह भी कहा था कि दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त की गई धार्मिक इमारतों के लिए मुआवजा देने संबंधी कोई नीति भी नहीं है।
कांग्रेस ने मांगा मोदी का इस्तीफा
नई दिल्ली। वर्ष 2002 के गुजरात दंगों के दौरान निष्क्रियता और अनदेखी के लिए राज्य सरकार को गुजरात हाई कोर्ट द्वारा फटकार लगाए जाने के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की।
पार्टी के प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा 'गुजरात हाई कोर्ट की फटकार के बाद मोदी ने मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है। उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।'
अल्वी ने कहा 'हाई कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि गुजरात सरकार नाकाम रही और दंगों को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जिसकी वजह से कई लोग मारे गए और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया।'
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