अहमदाबाद। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल [एसआइटी] ने गुजरात दंगों पर अपनी अंतिम रिपोर्ट बुधवार को यहां एक मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल कर दी। आधिकारिक रूप से अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि एसआइटी ने दंगों को लेकर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दी है या नहीं।
लेकिन, अपुष्ट सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें आ रही हैं कि एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट में मोदी को राहत दे दी है और उसे दंगों में मोदी की भूमिका को लेकर कोई सुबूत नहीं मिला। गुलबर्ग दंगे में मारे गए पूर्व कांग्रेसी सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जकिया ने मोदी और 62 अन्य लोगों पर दंगों की साजिश में शामिल रहने का आरोप लगाते हुए उन पर मुकदमा चलाने की मांग की थी। गुलबर्ग दंगे में एहसान समेत 69 लोगों की हत्या कर दी गई थी।
पिछले साल 12 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जकिया की याचिका पर कोई भी आदेश देने से इंकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस संबंध में एसआइटी की रिपोर्ट के आधार पर निचली अदालत ही कोई फैसला करेगी।
मजिस्ट्रेट कोर्ट से जुड़े सूत्रों ने बुधवार रात यहां बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एसआइटी अधिकारियों ने सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी है। अब मजिस्ट्रेट को इस पर संज्ञान लेना है।
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