नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। मुसलमानों के साथ नाइंसाफी के लिए सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को जिम्मेदार ठहराए जाने के कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के बयान पर उलमा और मुस्लिम संगठनों ने मिला-जुली प्रतिक्रिया जाहिर की है। इन लोगों का कहना है कि अगर मुसलमानों की हालत के लिए संघ जिम्मेदार है, तो कांग्रेस ने उनकी हालत बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो उनके बयान को तारीफ के काबिल बता रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर तमाम लोग यह बात मानने तो तैयार नहीं कि मुसलमानों की गरीबी के लिए जिम्मेदार सिर्फ संघ परिवार है। जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख कारी मुहम्मद उस्मान कहते हैं, 'राहुल के अनुसार अगर सांप्रदायिक अधिकारियों के कारण मुसलमानों के हक मारे जा रहे हैं, तो सवाल यह है कि आप क्या कर रहे थे। आपकी जिम्मेदारी थी कि उन अधिकारियों पर नजर रखते'। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने पिछले शासनकाल में भी वादे किए थे। ऐसे में लोग उन पर कैसे भरोसा कर लें।
मजलिस उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जवाद ने राहुल गांधी के बयान को हास्यास्पद करार देते हुए कहा कि यह बात अजीब लगती है कि कांग्रेस के शासन में संघ परिवार ने मुसलमानों का हक मारा और उनका दुरुपयोग किया है। उनके बयान से लगता है कि संघ ने हुकुमत पर कब्जा कर लिया है। इसका मतलब तो यह हुआ कि मुसलमानों के साथ नाइंसाफी होती रही और कांग्रेस तमाशा देखती रही।
मिल्ली काउंसिल के महासचिव डॉ. मंजूर आलम का कहना है कि एक नौजवान और भविष्य का बड़ा लीडर या प्रधानमंत्री इस तरह का बयान देता है तो उसे पहले इस इमेज को बदलना होगा कि बोलो सब कुछ और करो कुछ नहीं। इस बयान पर भरोसा इसलिए करना चाहिए कि दो साल बाद फिर चुनाव होने हैं। अगर वे इस पर खरे नहीं उतरते हैं, तो फिर मुसलमान विकल्प तलाश करेगा।
उर्दू अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. अख्तर उल वासे कहते हैं, 'राहुल ने बयान देकर यह स्वीकार कर लिया कि मुसलमानों की हालत खराब है। यह तारीफ के काबिल है। इससे देश के प्रजातंत्र का धर्मनिरपेक्ष चेहरा खुलकर सामने आएगा'।
यह बात अजीब लगती है कि कांग्रेस के शासन में संघ परिवार ने मुसलमानों का हक मारा और उनका दुरुपयोग किया है। उनके बयान से लगता है कि संघ ने हुकुमत पर कब्जा कर लिया है
-मौलाना कल्बे जवाद
--------
राहुल ने बयान देकर यह स्वीकार कर लिया कि मुसलमानों की हालत खराब है। यह तारीफ के काबिल है। इससे देश के प्रजातंत्र का धर्मनिरपेक्ष चेहरा खुलकर सामने आएगा
-प्रो. अख्तर उल वासे
मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर