धमाकों से लाल हुआ गुलाबी शहर

 
May 13, 09:43 pm

जयपुर [जागरण संवाददाता]। अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर गुलाबी शहर जयपुर को आतंकियों ने अपने निशाने पर लेते हुए एक के बाद एक छह स्थानों पर सात धमाकों से लाल कर दिया। शहर में पहली बार हुए आतंकी धमाकों में 75 लोग मारे गए, जबकि 200 के करीब घायल हुए। मरने वालों में दो बच्चियों समेत नौ महिलाएं हैं। हालांकि अभी तक किसी आतंकी संगठन ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन खुफिया एजेंसियों ने धमाकों के पीछे बांग्लादेश स्थित आतंकी संगठन हूजी का हाथ होने की आशंका जताई है। पुलिस के अनुसार मंगलवार को हुए इन धमाकों को अंजाम देने के लिए साइकिल का इस्तेमाल किया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया जोधपुर से जयपुर पहुंच गईं। उनके साथ ही विमान से डाक्टरों की टीम भी आई थी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी उनसे बात कर हालात का जायजा लिया। राज्यपाल एसके सिंह और राज्य के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने भी रात में घटनास्थल का दौरा किया। इस बीच राज्य सरकार ने विस्फोट में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाज के लिए एक लाख रुपये और कम घायल लोगों को 25 हजार रुपये देने की घोषणा की।

मंगलवार शाम सात बजकर 40 मिनट पर पहला धमाका सांगानेरी गेट स्थित हनुमान मंदिर के निकट हुआ। इसके बाद जौहरी बाजार में नेशनल हैंडलूम के सामने धमाका हुआ। बड़ी चौपड़ दो और छोटी चौपड़, चांदपोल हनुमान मंदिर के पास और खंदा मानक चौक पर एक-एक धमाके हुए। आतंकियों के निशाने पर शहर के दोनों हनुमान मंदिर थे। मंगलवार की वजह से यहां पर भक्तों की काफी भीड़ थी। इन्हीं मंदिरों में से एक चांदपोल हनुमान मंदिर के पास से पुलिस ने दो जिंदा बम भी बरामद किए, जिसे बाद में निष्क्रिय कर दिया गया। सभी धमाके 12 मिनट के अंदर हुए। आतंकियों ने धमाकों के लिए जिन स्थानों को चुना वे देशी-विदेशी पर्यटकों से भरे रहते हैं। सूत्रों के अनुसार इस विस्फोट में आरडीएक्स का इस्तेमाल नहीं किया गया।

एक के बाद एक हुए इन भीषण धमाकों से पूरा शहर दहल उठा। एक धमाका होंडा सिटी कार के निकट हुआ जिससे उसमें बैठे छह व्यक्तियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घायलों को शहर के प्रमुख सवाईमानसिंह अस्पताल के अलावा संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल, सांगानेरी गेट महिला अस्पताल में भी दाखिल कराया गया है, जिसमें से कई की हालत नाजुक है। अस्पतालों में खून की कमी होने की वजह से वहां खून देने वालों की कतार लग गई। बाद में अस्पताल प्रशासन ने कहा कि उन्हें सिर्फ ओ निगेटिव खून के अलावा किसी अन्य ग्रुप के खून की जरूरत नहीं है। यहां का दृश्य काफी वीभत्स है।

धमाकों के बाद जयपुर की सीमा सील कर दी गई है। हालांकि धमाकों के पीछे किसका हाथ है और उसका उद्देश्य क्या है इसकी जानकारी अभी तक नहीं हो सकी है, लेकिन खुफिया एजेंसियों ने इसके पीछे बांग्लादेश के आतंकी संगठन हूजी का हाथ होने की आशंका जताई है। खुफिया सूत्रों के अनुसार हूजी के आतंकी भारत में प्रवेश कर चुके हैं और देश के कई कस्बों व शहरों में उनके ठिकाने हैं। फिलहाल किसी आतंकी संगठन ने अभी तक इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।

विस्फोट के कारण पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई। धमाकों के बाद शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया और पूरे शहर में पुलिस ने तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया। धमाकों को देखते हुए एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी अलर्ट जारी कर दिया गया। विस्फोट में मारे गए लोगों की याद में बुधवार को राजकीय शोक की घोषणा की गई है, जबकि विश्व हिंदू परिषद ने राज्य में बंद का आह्वान किया है।

इस बीच गृह मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बम विस्फोटों की जांच में मदद करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की एक टीम वहां रवाना हो गई है। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बरते जाने की सलाह दी है ताकि आतंकी संगठन स्थिति का फायदा न उठा सकें। इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस का आतंकवाद रोधी दस्ता भी घटनास्थलों का दौरा करेगा। दस्ते के प्रमुख हेमंत कारकरे ने बताया कि यह दस्ता दो दिन में जयपुर के लिए रवाना हो जाएगा और स्थानीय जांचकर्ताओं के साथ बैठक करेगा।

विस्फोटों में घायल लोगों की सेवा के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शहर के मुख्य अस्पताल सवाई मानसिंह में पहुंचे। इसी अस्पताल में ही अधिकतर घायलों को भर्ती कराया गया है। अस्पताल में जहां अधिकतर लोग अपने परिजनों का कुशलक्षेम जानने के लिए भटक रहे हैं वहीं आरएसएस और कांग्रेस के कार्यकर्ता इन लोगों की मदद कर रहे हैं।

इस बीच पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे पर गए केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल विस्फोटों की खबर सुनते ही देर रात दिल्ली लौट आए। उन्होंने विस्फोटों की निंदा करते हुए इस घटना की जांच के लिए राजस्थान सरकार को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। पाटिल ने लोगों से शांति बनाए रखने और राष्ट्रविरोधी ताकतों के मंसूबों को नाकाम करने की अपील की है। उन्होंने विस्फोटों में मारे गए लोगों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

उधर, अमेरिका ने जयपुर में हुए आतंकी हमलों की निंदा की है। भारत में अमेरिका के राजदूत डेविड सी मलफोर्ड ने एक बयान में कहा कि अमेरिका इस जघन्य कार्रवाई की निंदा करता है। उन्होंने कहा कि हम इन आतंकी हमलों में हताहत हुए परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।

कब-कब हुए सीरियल ब्लास्ट

-12 मार्च 1993: मुंबई में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों में 257 मारे गए, 713 घायल

-13 मार्च 2003: मुंबई की लोकल ट्रेन में विस्फोट, 11 मरे

-25 अगस्त 2003: मुंबई के गेट वे आफ इंडिया और झावेरी बाजार में धमाके। 60 मरे, 150 घायल

-29 अक्टूबर 2005: दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में विस्फोट। 62 मरे, कई घायल

-7 मार्च 2006: वाराणसी के संकट मोचन मंदिर व रेलवे स्टेशन को निशाना बनाया। 28 मरे, 100 से ज्यादा घायल

-11 जुलाई 2006: मुंबई की लोकल ट्रेनों में विस्फोट। 187 यात्री मरे, 700 घायल

-8 सितंबर 2006: मालेगांव की एक मस्जिद में बम धमाका। 37 मरे

-19 फरवरी 2007: दिल्ली- अटारी लिंक एक्सप्रेस में विस्फोट। 66 यात्रियों की मौत, 13 घायल

-18 मई 2007: हैदराबाद में एक मस्जिद में धमाका। 11 मरे, 34 घायल

-25 अगस्त 2007: हैदराबाद में लुम्बिनी पार्क व गोकुल चाट भंडार में हुए धमाकों में 42 मरे

-11 अक्टूबर 2007: अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में विस्फोट। तीन मरे, 17 घायल

-23 नवंबर 2007: लखनऊ, फैजाबाद व वाराणसी के अदालत परिसर में छह धमाके। 15 मरे, 80 घायल।




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