जयपुर ब्लास्ट: अहम सुराग का दावा

 
May 16, 09:44 pm

जयपुर [जागरण संवाददाता]। राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को पहली बार दावा किया है कि पुलिस को जयपुर सीरियल बम धमाकों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश पुलिस की संयुक्त जांच जिस सूत्र के आधार पर आगे बढ़ रही है उसके सार्थक नतीजे सामने आएंगे। पुलिस ने शुक्रवार को तीन और संदिग्धों के स्केच जारी किए हैं। उधर, सरकार ने प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को निकालने की तैयारी शुरू कर दी है।

सरकार ने बम धमाकों के तीन दिन बाद संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ और डीआईजी [क्राइम] सौरव श्रीवास्तव के माध्यम से अधिकारिक सूचनाएं देने की व्यवस्था की है। दोनों ने पत्रकारों को जांच का विस्तृत ब्यौरा तो नहीं दिया, लेकिन कहा कि जांच से षड्यंत्र की तह तक पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जांच इस आधार पर की जा रही है कि वाराणसी और फैजाबाद के बम धमाकों व जयपुर के विस्फोटों में क्या समानता रही? उदयपुर, जयपुर व अन्य स्थानों पर स्केच के आधार पर लोगों से मिली छोटी से छोटी सूचना की भी जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जयपुर रेलवे स्टेशन पर कुछ दिनों से खड़ी एक लावारिस कार से पुलिस को अफजल नामक व्यक्ति का विजिटिंग कार्ड मिला है। जांच करने पर पता चला है कि लखनऊ निवासी अफजल ने यह कार डेढ़ वर्ष पूर्व दिल्ली की एक महिला से खरीदी थी। जांच में यह भी पता चला है कि अफजल अपनी मां की बीमारी की खबर सुनते ही कार जयपुर में छोड़ कर चेन्नई चला गया था। अभी इस मामले में आगे जांच जारी है।

राठौड़ व श्रीवास्तव ने बताया कि जयपुर बम धमाकों में काम में ली गई साइकिलों के विक्रेताओं का पता लगा लिया गया है। धमाके वाले दिन ही दोपहर में दस साइकिलें यहां के किशनपोल बाजार की आठ दुकानों से नकद खरीदी गई थीं। उनके बिलों पर लिखे नाम-पतों की जांच की जा रही है। ये साइकिलें विस्फोट स्थलों से बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा विस्फोटक रखने के लिए काम में लिए विशिष्ट किस्म और ब्रांड के बैग के निर्माण व ब्रिकी स्थल के बारे में एक विशेष दल जांच कर रहा है। संदेह के आधार पर जयपुर बम धमाकों के सिलसिले में डेढ़ दर्जन लोगों से पूछताछ की जा रही है।

अजमेर में शुक्रवार सवेरे पौने दस बजे एक डेयरी संचालक ने स्केच के आधार पर दो संदिग्धों को देखने का दावा किया है। वे डेयरी से सिगरेट खरीदने के बाद पैदल पुष्कर रोड की ओर चले गए। उसकी सूचना के बाद पुलिस ने संदिग्धों की तलाश की, लेकिन वे कहीं नहीं मिले। राज्य सरकार ने प्रदेश के दो दर्जन प्रमुख धार्मिक व पर्यटक स्थलों पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी है। यह व्यवस्था स्थायी रहेगी। प्रमुख पर्यटक स्थलों पर सीसीटीवी लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

उधर, सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे 30 दिन में प्रदेश में रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशियों को चिह्नित करे। अधिकांश बांग्लादेशियों ने यहां राशन कार्ड बनवा लिए है और स्थायी आवास के पते पश्चिम बंगाल के कूच बिहार व चौबीस परगना जिलों के दिए है। इसकी भी जांच की जाएगी। राठौड़ ने बताया कि 2004 में कराए गए सर्वे के अनुसार जयपुर में बांग्लादेशियों की संख्या ढाई हजार थी। जो अब बढ़ कर दस हजार से ज्यादा हो गई है। इसमें 40 अपराधी प्रवृत्ति के है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।




लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(6) वोट का औसत

average:4.5
Saving...
    शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
  • राजनीति
    Add to My Yahoo! xml
  • अपराध
    Add to My Yahoo! xml
  • दुर्घटना
    Add to My Yahoo! xml
  • आतंकवाद
    Add to My Yahoo! xml
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2008 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित