
नई दिल्ली। देश में आतंक के नए चेहरे के साथ उभरे इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकियों को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को ढेर कर दिया। इस कार्रवाई में स्पेशल सेल के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट इंस्पेक्टर एमसी शर्मा शहीद हो गए। मारे गए आतंकी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रहने वाले थे। इंडियन मुजाहिदीन प्रतिबंधित संगठन सिमी और लश्कर-ए-तैयबा का ही छद्म संगठन है।
दिल्ली पुलिस के आयुक्त वाईएस डडवाल ने बताया है आतंकियों से जामिया नगर में हुई मुठभेड़ करीब एक घंटे तक चली। इसमें एक आतंकी दबोच भी लिया गया है। लेकिन दो भागने में कामयाब रहे। डडवाल ने बताया है कि आतंकी जामिया नगर के एक मकान एल-18 में छिपे हुए थे। मौके से एक-47 राइफल, प्वाइंट 30 के दो पिस्टल, एक कंप्यूटर बरामद किया गया है।
पुलिस आयुक्त के मुताबिक मारे गए आतंकियों में एक की पहचान आतिफ के तौर हुई है। आतिफ आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का बेहद सक्रिय सदस्य था। अहमदाबाद में श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों से दो दिन पहले 24 जुलाई को आतिफ वहां गया था। गया तो था वह 10 लोगों के साथ, लेकिन 27 जुलाई को लौटा तो उसके साथ 12 लोग थे। इनमें दो लोग ऐसे थे, जिन्होंने विस्फोटकों के लिए कार उपलब्ध कराई थी। विस्फोटकों से लदी यह कार सूरत में बरामद कर ली गई थी। दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद और जयपुर के श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों में आतिफ उर्फ बशीर का हाथ था।
हाल के दौर में देश के विभिन्न हिस्सों में श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों के मास्टरमाइंड अब्दुल सुभान उर्फ तौकीर से आतिफ के गहरे संबंध थे। मारे गए दूसरे आतंकी का नाम साजिद था। साजिद भी इंडियन मुजाहिदीन का सदस्य था। मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार आतंकी मुहम्मद सैफ है। उसे पूछताछ के लिए स्पेशल सेल ने अपनी हिरासत में ले लिया है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि स्पेशल सेल के जांबाज अधिकारी इंस्पेक्टर एमसी शर्मा आतंकियों की गोली का शिकार हो गए। कई दर्जन एनकाउंटर को अंजाम देने वाले इंस्पेक्टर शर्मा के पेट, जांघ और दाहिने हाथ में एक-एक गोली लगी थी। सात बार वीरता पुरस्कार से नवाजे जा चुके शर्मा ने होली फैमिली हास्पीटल में आखिरी सांस ली। एक हेड कांस्टेबिल बलवंत भी जख्मी हुआ है। गोली उसके हाथ में लगी है और वह खतरे से बाहर है।