
नई दिल्ली। सोमवार को दिल्ली की एक अदालत ने जामिया नगर के उस फ्लैट के केयरटेकर की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी जहां हाल में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के आरोपी संदिग्ध आतंकी एक मुठभेड़ में मारे गए थे।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रवीण सिंह ने अब्दुल रहमान की न्यायिक हिरासत की अवधि 14 दिनों के लिए बढ़ा दी। बटला हाउस के एल-16 फ्लैट के कथित केयरटेकर और आरोपी को आज रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया गया था।
उत्तर प्रदेश सार्वजनिक निर्माण विभाग में स्टेनोग्राफर पद पर तैनात रहमान को फ्लैट के मालिक मोहसिन निसार की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। इसी विभाग में तैनात मोहसिन ने शिकायत की थी कि आरोपी ने दो संदिग्ध आतंकियों को फ्लैट किराये पर देते समय उसके फर्जी हस्ताक्षर किए थे।
इससे पहले अदालत ने 24 सितंबर को इस आधार पर रहमान की जमानत याचिका खारिज कर दी थी कि उसके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और जांच अभी प्रारंभिक स्थिति में है।
न्यायाधीश ने कहा कि कथित अपराधों की गंभीर प्रकृति समाज पर उसके प्रभाव और परिणामों को देखते हुए मैं मौजूदा आरोपी को जमानत देने से इंकार करता हूं। अदालत ने इस तथ्य पर गौर किया कि मुठभेड़ में मारे गए मोहम्मद आतिफ सहित किरायेदार कथित तौर पर उन धमाको में शामिल थे जिसमें 13 सितंबर को राजधानी में 26 लोग मारे गए थे।
इससे पहले आरोपी के वकील एमएस खान ने आरोप लगाया था कि पुलिस एक महत्वपूर्ण सबूत मूल लीज डीड को पेश कर पाने में असफल रही थी जिसे कथित तौर पर रहमान ने फर्जी तौर पर तैयार किया था। दिल्ली पुलिस रहमान के पुत्र जिया उर रहमान और शकीर निसार तथा शकील से फिलहाल विस्फोटों के संबंध में पूछताछ कर रही है। दो अन्य, मोहम्मद सैफ तथा जीशान को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।