
मुंबई। मुंबई में आतंकियो से जूझ रहे एनएसजी [राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड] कमांडो ने शुक्रवार को दो मोर्चो पर फतह कर लिया वहीं, तीसरे मोर्चे यानी कि होटल ताज पर भी जंग निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। हालांकि देर रात ताज में गोलीबारी की आवाज रह रहकर बाहर आ रही थी।
करीब 40 घंटे चले आपरेशन के बाद शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे होटल ट्राइडेंट-ओबेरा9 य पर सेना का कब्जा हो गया। रात होते-होते एक और जगह - नरीमन हाउस-पर भी एनएसजी ने कब्जा कर लिया। लेकिन होटल ताज में देर रात आतंकियों और सुरक्षा बलों की लड़ाई जारी रही। इस दौरान आतंकियों ने 35 बंधकों की जान ले ली। इस तरह देश पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमलों में मरने वालों की संख्या 160 से भी ऊपर पहुंच गई है। अभियान में शुक्रवार को एनएसजी के दो कमांडो भी शहीद हो गए, जबकि दो आतंकियों को भी ढेर कर दिया गया।
आतंकियों से इस युद्ध में तीसरा मोर्चा बने होटल ताज को आतंकियों से मुक्त कराने की जिद्दोजहद शुक्रवार को भी जारी रही। देर रात तक हमले और जवाबी हमले होते रहे। अंतत: निर्णायक हमला बोलने के लिए लगभग 20 और कमांडो बुलाए गए।
होटल ताज की नई बिल्डिंग सुरक्षा बलों ने पूरी तरह खाली करा ली थी, लेकिन एक या दो आतंकी बगल की पुरानी बिल्डिंग, ताज हेरिटेज, में जा घुसे। ये आतंकी दिन भर फायरिंग करते रहे। जवाबी फायरिंग भी होती रही। अंदर से हथगोले फटने की आवाजें भी आती रहीं। यहां आतंकियों से लोहा लेते एनएसजी का एक कमांडो शहीद हो गया।
ट्राइडेंट होटल में घुसे दो आतंकियों को शुक्रवार को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। उन्होंने आतंकियों के चंगुल में फंसे सौ से भी ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। दोपहर करीब ढाई बजे एनएसजी महानिदेशक जेके दत्ता अपने साथियों के साथ होटल के मुख्य द्वार से बाहर निकले। उनके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि उन्होंने मोर्चा फतह कर लिया है। अगले ही पल उन्होंने बाकायदा इसका ऐलान कर दिया, 'ओबेराय-ट्राइडें9 ट आतंकियों से पूरी तरह मुक्त हो चुका है और अब होटल हमारे कब्जे में है। अंदर घुसे दो आतंकियों को मार गिराया गया है।' लेकिन आतंकियों ने 30 बंधकों की जानें ले ली थीं। पुलिस आयुक्त हसन गफूर ने संवाददाताओं को बताया कि ट्राइडेंट होटल की तलाशी के दौरान 24 लाशें मिलीं। उन्होंने यह भी बताया कि आतंकियों ने बुधवार को छह बंधकों की हत्या कर दी थी। 34 मंजिले ट्राइडेंट में 541 कमरे हैं, जबकि बगल के ओबेराय होटल में 11 मंजिलें हैं और इसमें 327 कमरे हैं।
उधर, इजरायली लोगों की कालोनी नरीमन हाउस में भी कमांडो को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लेकिन अंतत: यहां भी उन्हें जीत हासिल हुई। रात नौ बजे के करीब पांच मजिंली इस पूरी इमारत को आतंकियों के कब्जे से खाली करा लिया गया। इससे पहले यहां आपरेशन के लिए हेलीकाप्टरों से कमांडो को छत पर उतारा गया था। यह किसी शहर में अपनी तरह का पहला आपरेशन था। नरीमन हाउस में छिपे दो आतंकियों को अंतत: कमांडो ने ढेर कर दिया, लेकिन इससे पहले आतंकी पांच बंधकों को मार चुके थे। अभियान में एनएसजी के हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद हो गए। उनकी कुर्बानी और उनके साथियों की दिलेरी से करीब 48 घंटे बाद नरीमन हाउस आतंकियों के कब्जे से मुक्त हुआ। इससे पहले आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच रह-रह कर फायरिंग होती रही।
गृह मंत्रालय के एक सचिव ने दिल्ली में बताया कि एनएसजी के मेजर संदीप उन्नीकृष्णन आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए।
होटल ताज में आतंकियों के खिलाफ अभियान में शामिल रहे एक अधिकारी के मुताबिक होटल से भाग जाने में सफल रहे एक आतंकवादी के बैग से मारीशस का पहचान पत्र मिला है। इस बैग में से चीन निर्मित ग्रेनेड, सात मैगजीन, 400 राउंड गोलियां, 7 क्रेडिट काडर््स, सूखे मेवे, 1200 अमेरिकी डालर और 6,840 रुपये भी बरामद हुए हैं।
अधिकारी ने यह भी बताया कि होटल में जो भी अपनी जगह से हिला, आतंकियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। होटल में करीब 50 शव पाए गए। 12-15 लाशें तो एक ही कमरे में थीं। हालांकि इस बारे में आधिकारिक तौर से कुछ नहीं कहा गया।
महाराष्ट्र के उप मुख्य मंत्री और गृह मंत्री आरआर पाटिल ने बताया कि नौ आतंकवादी मारे गए, जबकि कुल मिला कर 16 पुलिसकर्मी और एनएसजी के दो कमांडो को भी इस अभियान में जान गंवानी पड़ी। एक आतंकी को गिरफ्तार भी किया गया, जो पाकिस्तान का है। उसके जरिए पुलिस को इस हमले के बारे में काफी जानकारी मिली है।
पूरे आपरेशन में 475 कमांडो को लगाया गया था। 60 कमांडो शुक्रवार को दिल्ली से यहां पहुंचे। एनएसजी ने पूरे अभियान के दौरान दो एक 47 राइफलें, एक नौ एमएम पिस्तौल और कुछ जिंदा हथगोले भी बरामद किए।