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आतंकियों की गलत सूचना में उलझी एजेंसियां

Dec 04, 03:05 pm
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नई दिल्ली। मुंबई में आतंकी हमलों के सिलसिले में नाकामी को लेकर सुरक्षा तथा खुफिया एजेंसियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

कोस्ट गार्ड ने बृहस्पतिवार को यह कहकर इसमें एक और कड़ी जोड़ दी कि भारतीय गुप्तचर एजेंसियां आतंकियों द्वारा धोखा देने के लिए जानबूझकर लीक की गई गलत सूचनाओं में उलझ गई थीं।

कोस्ट गार्ड के सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी आतंकियों ने गुप्तचर एजेंसियों को गुमराह करने के लिए अपने मुंबई पहुंचने के वक्त तथा जगह के बारे में गलत सूचनाएं जानबूझकर लीक की थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वजह से नौसेना और कोस्ट गार्ड को खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी गलत साबित हुई। खुफिया एजेंसियां बुरी तरह विफल रहीं और अब वे सशस्त्र सेनाओं पर आरोप लगाकर मुंबई हमलों के सिलसिले में हो रही अपनी आलोचना को दूसरी तरफ मोड़ना चाहती हैं।

सूत्रों ने कहा कि गलत खुफिया सूचनाओं की वजह से ही कोस्ट गार्ड का ध्यान सर क्रीक क्षेत्र में केंद्रित हो गया, जबकि आतंकी गुजरात के दक्षिण से समुद्री सीमा में घुसे थे। उन्होंने बताया कि आतंकियों ने खुफिया एजेंसियों को अपने पहुंचने के समय और स्थान के बारे में झूठी सूचनाएं लीक कीं, ताकि कोस्ट गार्ड और नौसैनिक जहाज गलत जगह पर पहुंच जाएं और उन्हें भारतीय समुद्री सीमा में घुसने का मौका मिल जाए। ऐसा ही वर्ष 1993 में मुंबई बम विस्फोटों से पहले भी ऐसा ही किया गया था।

तटरक्षक एजेंसियों को मिली खुफिया सूचनाओं का जिक्र करते हुए सूत्रों ने कहा कि हमें मिली सूचनाओं में संकेत दिया गया था कि आतंकियों का जहाज सरक्रीक क्षेत्र के रास्ते आगे बढ़ रहा है। लिहाजा हमने वहां पर निगरानी और कड़ी कर दी। सूत्रों ने बताया कि जिस वक्त खुफिया सूचनाएं प्राप्त हुई उस समय तटरक्षक, नौसेना तथा वायुसेना गुजरात तट पर एक्सरसाइज डिफेंस के कूटनाम वाला युद्धाभ्यास कर रही थीं। उन्होंने बताया कि अभ्यास के दौरान हम नौसेना तथा कोस्ट गार्ड के छह जहाजों और 20 विमानों का इस्तेमाल कर रहे थे।

सूत्रों ने बताया कि कुछ पाकिस्तानी घुसपैठियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने पर अभ्यास में जुटे जहाजों तथा विमानों को सरक्रीक क्षेत्र की तरफ भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि 19 नवंबर को सरक्रीक क्षेत्र में तलाशी अभियान के दौरान हमें कुछ घुसपैठियों की मौजूदगी का शक हुआ था, लेकिन आतंकियों ने मुंबई में हमलों को अंजाम देने के लिए दक्षिणी गुजरात के समुद्री रास्ते का इस्तेमाल किया।

सूत्रों ने बताया कि वर्ष 1993 में मुंबई में हुए श्रंखलाबद्ध बम विस्फोटों से पहले भी कस्टम अधिकारियों को यह खबर लीक करवाई गई थी कि पाकिस्तान से तस्करी करके लाया गया चांदी का जखीरा गोवा के दक्षिणी तट पर उतारे जाने की तैयारी है। इस सूचना पर सुरक्षा एजेंसियां दक्षिण गोवा में व्यस्त हो गई थीं और आतंकी रास्ता साफ देखकर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में तट पर विस्फोटक व आरडीएक्स लाने में कामयाब हो गए थे।

गौरतलब है कि मुंबई में पिछले हफ्ते हुए जबरदस्त हमलों को अंजाम देने वाले आतंकियों के समुद्र के रास्ते शहर में घुसने के खुलासे के बाद कोस्ट गार्ड और नौसेना को खुफिया सूचनाओं की कथित अनदेखी के लिए कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था। सशस्त्र बल यह कह रहे हैं कि खुफिया एजेंसियों से मिली सूचनाएं अधकचरी और कार्रवाई करने के लायक नहीं थीं। हालांकि उन्हें सामान्य चेतावनी नियमित अंतराल पर दी जाती थी।

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