एसएमएस बना गुस्से का जरिया

 
Dec 04, 03:15 pm

नई दिल्ली। किसी आतंकी को सजा देना भगवान का काम है, लेकिन भगवान के साथ उसकी मुलाकात तय कराना हमारी जिम्मेदारी- भारतीय सेना। ये बानगी है एक एसएमएस की, जो मुंबई हमलों के बाद लोगों के गुस्से को प्रदर्शित कर रहा है। एक अन्य एसएमएस में लिखा गया है कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले निशानेबाज को सरकार तीन करोड़ रुपये देती है, लेकिन आतंकियों से लड़ते हुए मारे गए निशानेबाज को महज पांच लाख रुपये, सचमुच हमारा देश महान है।

एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाली संगीता कहती हैं कि मुझे रोज ऐसे पांच से छह एसएमएस मिल रहे है और मैं भी उन्हे अपने मित्रों को भेजती हूं। ये एसएमएस हमें जागरूक बनाने में मदद करते हैं। मुंबई में पिछले सप्ताह हुए आतंकी हमलों ने देश को दहला दिया था। दो, पांच सितारा होटलों समेत अनेक स्थानों पर हुए इन हमलों में कम से कम 183 लोग मारे गए थे। इन एसएमएस के माध्यम से राजनेताओं पर भी निशाना साधा जा रहा है। एक एसएमएस कहता है कि कहां है राज ठाकरे और उसकी बहादुर सेना। उसे बताओ कि आतंकियों से लड़ने के लिए दिल्ली से भेजे गए 200 कमांडोज में से एक भी मराठी मानुस नहीं था। उपरोक्त एसएमएस दर्शाते है कि मुंबई में हुई आतंकी घटना के बाद किस तरह लोग अपने गुस्से को जाहिर करने के लिए तकनीक का प्रयोग कर रहे है।




लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(20) वोट का औसत

average:4.700002
Saving...
    शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
  • राजनीति
    Add to My Yahoo! xml
  • अपराध
    Add to My Yahoo! xml
  • दुर्घटना
    Add to My Yahoo! xml
  • आतंकवाद
    Add to My Yahoo! xml
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2008 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित