
मुंबई। मुंबई में हुए आतंकी हमलों के दौरान जीवित पकड़े गए एकमात्र आतंकी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब ईमान को दक्षिण मुंबई के कामा एवं अलब्लेस अस्पताल में हुई गोलीबारी के मामले में मंगलवार को एक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 19 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
कसाब 26 नवंबर को गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही पुलिस की हिरासत में है। उसे सुरक्षा संबंधी कारणों से अदालत में पेश नहीं किया गया। अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एन श्रीमंगले और अतिरिक्त सरकारी वकील ईबी धमल अदालत के कुछ कर्मचारियों के साथ पुलिस थाने पहुंचे, जहां कसाब को रखा गया है।
धमल ने बताया कि हमने अनुरोध किया कि हमें [पुलिस को] कामा अस्पताल में हुई गोलीबारी के मामले की जांच करनी है। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान कसाब खामोश था। फिलहाल, उसके पास कोई वकील भी नहीं है।
धमल ने बताया कि जब मजिस्ट्रेट ने उससे [कसाब से] पूछा कि क्या उसे पुलिस के खिलाफ कोई शिकायत है तो उसने कहा कि नहीं। कसाब और उसके साथी इस्माइल खान ने 26 नवंबर 2008 को दक्षिण मुंबई के कामा एवं अलब्लेस अस्पताल पर हमला कर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस गोलीबारी में दो पुलिस अधिकारी अस्पताल के दो कर्मचारी और तीन नागरिक मारे गए थे। दोनों आतंकियों से मुकाबला कर रहे अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सदानंद दाते और उनके कुछ सहयोगी घायल भी हो गए थे। कसाब कथित तौर पर पाकिस्तान के फरीदकोट का निवासी है। वह वर्तमान में तीन अन्य मामलों के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में है। 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमलों के सिलसिले में कसाब के खिलाफ 12 मामले दर्ज हैं। इन हमलों में 160 व्यक्ति मारे गए थे।
कसाब के खिलाफ दर्ज मामलों में गिरगांव चौपाटी पर हुई गोलीबारी का मामला है, जिसमें वह पकड़ा गया था। इसके अलावा रंगभवन सभागार के समीप पुलिस वाहन पर हमले का मामला है, जिसमें संयुक्त पुलिस आयुक्त [एटीएस] हेमंत करकरे सहित तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मारे गए थे और एक मामला मरीन ड्राइव पर वाहन चुराने का है। वाहन चोरी के मामले में कसाब को 24 दिसंबर को हिरासत में भेजा गया था। यह अवधि मंगलवार को समाप्त हो गई। दक्षिण मुंबई के ताज एवं ट्राईडंट होटल तथा नरीमन हाउस पर आतंकी हमले करने वाले नौ अन्य आतंकियों को सुरक्षा बलों ने मार डाला था।