नई दिल्ली। गृहमंत्री पी चिदंबरम ने गुप्त तरीके से देश में गतिविधियों का संचालन कर रहे संभावित आतंकियों से आसन्न खतरों को खत्म करने के लिए घटना के होने से पहले उससे निपटने के लिए कार्रवाई करने वाले नजरिए की आवश्यकता पर बल दिया।
आंतरिक सुरक्षा पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा कि आतंकवाद को लेकर हमारी प्रतिक्रिया प्रतिक्रियात्मक नहीं हो सकती। इस बात के पर्याप्त उदाहरण हैं कि अनेक आतंकी इकाइयों ने देश में शरण ले रखी है। अनेक स्लीपर सेल्स भी हैं।
उन्होंने कहा कि हमें निश्चित तौर पर इन लोगों को पकड़ने तथा संभावित आतंकी खतरों को नाकाम करने के लिए घटना से पहले कार्रवाई के नजरिए को अपनाना चाहिए। इस संबंध में संभावित आतंकी को पकड़ने के लिए महत्वपूर्ण बात है खुफिया जानकारी को इकट्ठा करना और उनका आदान-प्रदान करना तथा समन्वित तरीके से कार्रवाई करना। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे आतंकी हमले के खतरे अथवा हमला होने की स्थिति में एक कमान का एक स्पष्ट ढांचा तैयार करें।
चिदंबरम ने कहा कि इसको लेकर कोई अस्पष्टता अथवा भ्रम नहीं होना चाहिए कि कौन प्रभारी है ..सारे पहलुओं का स्पष्ट तौर पर उल्लेख होना चाहिए तथा राज्य पुलिस विभाग तथा उन बलों को उनकी जानकारी देनी चाहिए, जिनकी आतंकी हमले के खतरा अथवा आतंकी हमले की स्थिति में जरूरत होगी।
गृहमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्यों में जमीनी स्तर [पुलिस स्टेशन] पर खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के काम को मजबूत बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि कम से कम हेड कांस्टेबल या सहायक सब इंस्पेक्टर रैंक का एक व्यक्ति होना चाहिए, जिसका काम सिर्फ खुफिया जानकारी इकट्ठा करने का होना चाहिए। उसे इसके अलावा कोई दायित्व नहीं देना चाहिए।
चिदंबरम ने कहा कि विशेष शाखा को मजबूत बनाए जाने के अलावा जिलों और प्रमुख शहरों में पर्याप्त संख्या में विशेष शाखा कर्मी तैनात किए जाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से ऐसी रणनीति तैयार करने को कहा जिसके तहत वाया जिला मुख्यालय और राज्य की राजधानी थाने से राष्ट्रीय राजधानी तक खुफिया सूचना का अबाध प्रवाह हो सके।
गृहमंत्री ने कहा कि एक जनवरी 2009 से मल्टी एजेंसी सेंटर ने काम करना शुरू कर दिया है और अब वह राज्य तथा केंद्रशासित प्रदेशों की एजेंसियों सहित सभी अन्य एजेंसियों को खुफिया जानकारी मुहैया कराने के लिए कानूनन बाध्य है।
उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि पुलिस बल आधुनिकीकरण के तहत राज्य पुलिस की विशेष शाखा की क्षमता बढ़ाने के लिए एक घटक है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्रियों से अनुरोध किया कि योजनाओं को त्वरित गति से कार्यान्वित किया जाए। चिदंबरम ने कहा कि आतंकवाद से संबंधित खतरों से निबटने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण और उन्नत उपकरण दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का प्रस्ताव देश के विभिन्न हिस्सों में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड केंद्र स्थापित करने का है। इसकी शुरुआत देश के चार नगरों में केंद्र स्थापित कर की जाएगी।
गृहमंत्री चिदंबरम ने आगे कहा कि कुछ अन्य शहरों के लिए आतंकवाद विरोधी बल होंगे जो सुरक्षाबलों की ओर से मुहैया कराए जाएंगे, उदाहरण के लिए बेंगलूर सेना के दायरे में होगा। आने वाले समय में एनएसजी केंद्र और स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चिदंबरम ने सभी राज्यों से अपना अपना आतंकवाद विरोधी बल स्थापित करने और उन्हें तैनात करने को कहा। इसके लिए उन्होंने केंद्र की ओर से हर मदद देने की पेशकश की।