
मुंबई। मुंबई हमले के आरोपी मोहम्मद अजमल कसाब के मुकदमे की सुनवाई कर रही अदालत में बुधवार को उस समय भावनात्मक दृश्य उभरे जब अपने भाई के हत्या करने वाले बंदूकधारी के तौर पर उसकी पहचान करते हुए एक गवाह फूट-फूट कर रो पड़ा।
आतंकी हमले की जगहों में एक कामा अस्पताल के निकट एक झोपड़ी में रहने वाला भरत वाघेला उस समय रो पड़ा जब उसने कहा कि उसने कसाब को अपने भाई की हत्या करते देखा। जज्बाती वाघेला ने कहा, मेरे भाई के छोटे बच्चे हैं।
ढांढस रखने के लिए विशेष न्यायाधीश एम एल ताहिलियानी द्वारा कहे जाने पर वाघेला ने कहा, मैंने अपनी आंखों से इस आदमी को मेरे भाई पर गोलियां चलाते देखा है। मैं कैसे भूल सकता हूं।
वाघेला द्वारा पहचान किए जाने पर हालांकि कसाब ने प्रतिक्रिया नहीं की। कामा अस्पताल की एक नर्स और एक फोटो पत्रकार ने भी गवाह के तौर पर आज कसाब की बंदूकधारियों में एक तौर पर पहचान की जो आतंकी हमले में शामिल था।
वाघेला ने कहा कि 26 नवंबर की रात को वह अपने घर के बाहर खड़ा होकर किसी मित्र से बात कर रहा था कि उसने दो लोगों को दूर से आते देखा जिन्होंने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। मैं उसके बाद अपनी झोपड़ी में भाग गया, दरवाजा बंद कर लिया और अपनी मां को बताया कि क्या हो रहा है।
वाघेला ने विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम से कहा कि दरवाजे के फ्रेम की फांक से उसने देखा कि उसकी झोपड़ी के बाहर कसाब खड़ा था। वहां से कसाब झोपड़ी से सटे उस मकान में गोलीबारी कर रहा था जिसमें उसका भाई ठाकुर रहता था। मैंने झोपड़ी से चीखें सुनीं और इसके कुछ देर बाद दोनों बंदूकधारी कामा अस्पताल की ओर गए। मैं बाहर निकला और देखा कि मेरा भाई खून से लथपथ था और उसका पांच साल कच्च् बच्चा रो रहा था।
उसने बताया कि इसके बाद वह अपने भाई को जेजे अस्पताल ले गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके एक मित्र भगन शिंदे को भी अस्पताल लाया गया था लेकिन उसे भी अस्पताल में चिकित्सकों मृत घोषित कर दिया।
इस गवाह ने बचाव पक्ष के वकील अब्बास काजमी की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि उसने कसाब को नहीं देखा था और बताया कि उसने पाकिस्तानी बंदूकधारी को करीब से और गोली चलाते देखा था।
कामा अस्पताल में नर्स की नौकरी करने वाली एक अन्य गवाह अंजलि गुलाटी ने बताया कि उसने 26 नवंबर की रात को अस्पताल परिसर में दो लोगों को घुसते हुए देखा था।