मंदी को भुनाने में जुटा है प्रतिबंधित भाकपा-माओ

 
Jul 02, 03:22 am

हैदराबाद। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी [भाकपा-माओ] को भले ही सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया हो, लेकिन गुट अपनी सक्रियता पहले से भी ज्यादा बढ़ाने की तैयारी में जुटा है। हाल ही में गुट की ओर से अपने सदस्यों को बांटे गए एक दस्तावेज से यह खुलासा हुआ है।

16 पन्नों का यह दस्तावेज भाकपा-माओ के पोलित ब्यूरो ने जारी किया है। इसमें चुनाव बाद के देश के हालात का विश्लेषण किया गया है और 'दुश्मन को हर हाल में कुचलने के लिए जरूरी' काम की सूची दी गई है।

दस्तावेज में कहा गया है, 'आज हमारे सामने असाधारण चुनौती है। ऐसे में हमारे लिए आंदोलन को अप्रत्याशित गति देने की अपार संभावनाएं भी खुली हैं। दुनिया संकट में फंसी है और इससे निजात के फिलहाल कोई आसार नहीं बन रहे हैं। अमेरिका ऐतिहासिक विश्वव्यापी मंदी से गुजर रहा है। उद्योग एक के बाद एक बंद हो रहे हैं, लोग बेरोजगार हो रहे हैं। गरीबी, भुखमरी का यह दौर आम जन के संघर्ष और क्रांति को सर्वव्यापी बनाने में सबसे ज्यादा सहायक होगा।'




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