मुंबई। मुंबई हमले की सुनवाई के सिलसिले में बृहस्पतिवार को यहां विशेष अदालत में एक गवाह पेश हुआ। इस गवाह ने बीते 26 नवंबर की रात कामा अस्पताल में अपनी जान बचाने के लिए आतंकी अबु इस्माइल से लोहा लिया था। उसने उस रात की घटना अदालत में बयां की तो अदालत में सभी ने उसे शाबाशी दी।
प्रत्यक्षदर्शी हरीश चंद्र श्रीवर्धनकर ने सरकारी वकील उज्ज्वल निकम के एक सवाल के जवाब में बताया, 'उसने [अबु] मुझे हिंदी-उर्दू में गाली दी और मैंने उसके शरीर के निचले हिस्से पर लात मारी। आतंकी ने मेरी गर्दन पर वार किया और मैं गिर गया। उसने मेरी पीठ पर कई बार चाकू मारे और गोली भी मारी। इसके बाद मैं बेहोश हो गया और तीन दिन बाद अस्पताल में मुझे होश आया।'
गवाही के बाद निकम ने अदालत से कहा कि उनकी बात बड़ी साहसिक और रोचक है। बचाव पक्ष के वकील अब्बास आजमी ने भी गवाह की तारीफ में कहा कि मैंने जो साहसिक कहानियां सुनी हैं, यह उनमें से एक है।