
मुंबई। मालेगांव बम विस्फोट मामले की मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मकोका अदालत में याचिका ठुकराए जाने के बाद आज जमानत के लिए बंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
अदालत ने आज दो सप्ताह के लिए सुनवाई स्थगित कर दी क्योंकि आतंकवाद निरोधी दस्ते ने अपना जवाब देने के लिए समय की मांग की। इससे पहले विशेष मकोका अदालत ने साध्वी की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
साध्वी के वकील गणेश सोवानी के अनुसार आतंकवाद निरोधक दस्ते ने उन्हें शुरू में अवैध तरीके से हिरासत में रखा था। वकील ने कहा कि हमारा मामला यह है कि उन्हें एटीएस ने दस अक्तूबर 2008 को पकड़ा जबकि उनका दस्तावेज 23 अक्तूबर को गिरफ्तारी दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यदि उन्हें 10 अक्तूबर को हिरासत में लिया गया तो आरोप पत्र नौ जनवरी तक दाखिल हो जाना चाहिए था। चूंकि यह दस दिन देर से दाखिल किया गया है इसलिए वह जमानत की हकदार हैं।
पिछले साल 29 सितंबर को मालेगांव में हुए विस्फोट के मामले में साध्वी और दस अन्य को आरोपी बनाया गया है। इस धमाके में सात लोग मारे गए थे।