
बरेली। अफगानिस्तान, पाकिस्तान और अब भारत..। पूरी दुनिया को आतंक की आग में झोंकने वाला तालिबान हिंदुस्तानी सरजमीं पर भी पांव पसा रहा है। अंदरखाने ही सही। ओसामा बिन लादेन और तालिबान की विचारधारा का प्रचार करके लोगों को इस्लामी गणतंत्र के नाम पर बरगलाया जा रहा है। बरेली में गिरफ्तार आतंकी चांद खां के पास मिले लिटरेचर से यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अफगानिस्तान में सत्ता गंवाने के बाद तालिबान भारत का रुख कर सकते हैं। खुफिया एजेंसियों ने इस बात की आशंका तीन साल पहले ही जता दी थी। हालांकि, तब केंद्र सरकार ने तालिबान ने भारत में तालिबान या उसके समर्थकों की मौजूदगी से साफ इंकार किया था। मगर 15 अक्टूबर को बरेली में शातिर चांद खां की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों के होश उड़ गये।
खुफिया अफसरों की मानें तो अपराधी चांद तो महज एक मोहरा भर है। पर्दे के पीछे आतंकियों का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। ये वही लोग हैं, जो पहले भी भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका को मिलाकर खालिस इस्लामी गणराज्य का सपना देखते रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों को चांद से मिली जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश में सक्रिय आतंकी संगठन हूजी, अलकायदा, तालिबान और कश्मीर में सक्रिय तमाम आतंकी संगठनों ने हाथ मिलाकर इस घिनौनी साजिश का तानाबाना बुना है। ये आतंकी भोले-भाले लोगों को बरगलाकर जेहाद की आग में झोंक रहे हैं। भारत के तमाम छोटे-मोटे शहरों में लोगों को समझाया जा रहा है कि मुस्लिमों पर अत्याचार हो रहा है। चांद खां से मिले पत्र का मजमून कुछ यूं है-मुस्लिमों अपने हक की आवाज बुलंद करो। पूरी दुनिया के इस्लामीकरण की मुहिम में शामिल हो जाओ। तभी तुम्हें इंसाफ मिलेगा। जेहाद में कूद पड़ो।
ओसामा और तालिबान के हाथों को मजबूत करो। उनके साथ जु़ड़ो..। पत्र में पहली बार ओसामा बिन लादेन के साथ तालिबान को इस्लाम का लंबरदार समझाने की कोशिश की गई है।