श्रीनगर, जागरण ब्यूरो। जम्मू- कश्मीर के सोपोर में सुरक्षा बलों के घेरे को तोड़ता हुआ लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी कमांडर बच निकलने में सफल रहा है। इसके साथ ही शनिवार सुबह से चल रही मुठभेड़ खत्म हो गई है। जबकि इससे पहले सुरक्षा बलों ने उसके एक साथी कमांडर जुबैर अहमद को मार गिराया था।
याद रहे सोपोर के चिंकीपोरा मोहल्ले में छिपे लश्कर-ए-तैयबा के दो कमांडरों को मार गिराने के लिए सुरक्षाबलों ने शनिवार को एक सघन तलाशी अभियान चलाया था। इसमें एक आतंकी मारा गया था, जबकि उसका दूसरा साथी बच निकला था। उसे पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान चलाया था। बताया जाता है कि आतंकी ने शनिवार की रात करीब पंद्रह से बीस मिनट तक फायरिंग की। इसके बाद उसकी तरफ से कोई गोली नहीं चली। समझा जाता है कि वह अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा। इसके चलते ही रविवार सुबह आधिकारिक तौर पर मुठभेड़ को समाप्त मान लिया गया। लेकिन सेना और पुलिस के संयुक्त कार्यदल की तलाशी अभियान जारी है।
इसी बीच गुलाबगढ़ के बल इलाके में शनिवार रात सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के एक एरिया कमांडर को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मारे गए आतंकी की पहचान मोहम्मद फारुक कोड़ अबू तला पुत्र अब्दुल गनी निवासी मदर के रूप में हुई है।
उधर, आतंकियों ने रविवार को एक बार फिर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए दिन-दहाड़े दो पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया है। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे लालचौक से करीब चार किमी दूर डाऊन-टाऊन के कमरवारी इलाके में संबंधित पुलिस थाने के दो सिपाही गश्त पर निकले थे। जब वह बाजार से गुजर रहे थे, तभी अचानक आतंकी आए और दोनों सिपाहियों पर नजदीक से फायर कर भाग निकले। घायल सिपाहियों को अस्पताल पहुंचाया गया, हां डाक्टरों ने पहले हवलदार मंजूर अहमद को मृत घोषित कर दिया। जबकि सिपाही अब्दुल कबीर भी कुछ देर बाद दम तोड़ गया। श्रीनगर में पिछले तीन माह में आतंकियों द्वारा सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की यह चौथी घटना है।