बंद ने दिया आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब

 
Nov 02, 11:39 pm

श्रीनगर [जागरण ब्यूरो]। आतंकियों के खिलाफ कश्मीर के सियासतदां और मानवाधिकारों के झंडाबरदार बेशक चुप रहें, लेकिन आम अवाम अब चुप नहीं बैठता। वह उनकी हर नापाक हरकत पर अपने तरीके से विरोध जताना जान गया है। तभी तो सोमवार को कमरवारी में हर दुकान पर ताला लगा था।

न किसी सियासी दल ने बंद का आह्वान किया था और न किसी अलगाववादी संगठन ने कहीं चलो के मार्च का एलान किया। बंद स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने किया था। उन्हें किसी ने इसके लिए मजबूर भी नहीं किया था और न कोई पहले ऐलान हुआ था। बस, बंद था उस घटना के खिलाफ जो रविवार को हुई थी। गश्त पर निकले दो पुलिसकर्मियों की आतंकियों ने इसी इलाके में नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके विरोध में सोमवार को यहां हर जगह खामोशी और सन्नाटा पसरा था। न कोई नारेबाजी और न ही पथराव। पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान भी जो अक्सर बंद के दौरान कुछ ज्यादा ही नजर आते हैं, सोमवार को सिर्फ चौक में ही दिखे और वह भी दो-तीन। दुकान के बाहर खड़े सज्जाद से जब पूछा गया कि यह बंद क्यों है तो उसने कहा कि आपको नहीं पता? रविवार को हमारे इस चौक में दो पुलिसवालों की हत्या हो गई। बस, हमने अपना एतराज जताने के लिए यह बंद किया है, कुछ और हम नहीं कर सकते थे। बेचारों ने किसी का क्या बिगाड़ा था।

भालू ने मार डाले दो आतंकी

कभी आतंकियों के लिए पनाहगाह माने जाने वाले जंगल अब उनके लिए कब्रगाह बन रहे हैं। देश के इन दुश्मनों को सबक सिखाने के लिए यहां केवल सुरक्षाबल ही नहीं, अपितु जंगली जानवर भी घात लगाए बैठे हैं। इसका सबूत है हिजबुल मुजाहिदीन पीर पंजाल रेजिमेंट के दो दुर्दात कमांडर, जिन्हें सेना की गोली ने नहीं बल्कि एक जंगली भालू ने मौत के घाट उतार दिया।

जानकारी के अनुसार जवानों का एक गश्तीदल सोमवार सुबह शोपियां जिले में स्थित पीरपंजाल की पहाड़ियों में तलाशी के लिए निकला। जवानों को सूचना मिली थी कि हिजबुल मुजाहिदीन पीर पंजाल रेजिमेंट का डीविजनल कमांडर सैफूल्ला व तहसील कमांडर कैसर अपने साथियों के साथ बैठक करने यहां आए हैं। सेना के जवान पहाड़ियों की तलाशी लेते हुए जंदालूनार इलाके में पहुंचे तो उन्हें वहां एक आतंकी ठिकाना नजर आया। जवानों ने तलाशी ली तो उन्हे वहां दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला। अंदर दोनों आतंकी कमांडरों के शव क्षत-विक्षत हालत में पड़े थे। जवानों ने दोनों आतंकियों के शव अपने कब्जे में लिए। इसके अलावा उन्होंने आतंकी ठिकाने से भारी मात्रा में राशन, हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया। प्रांरभिक छानबीन के अनुसार दोनों आतंकियों को किसी जंगली भालू ने पंजों व दांतों से नोंच-नोंच कर मार डाला।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस बरार ने पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों आतंकी भालू के शिकार बन गए।




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