
वाशिंगटन। आतंकवाद के संदेह में गिरफ्तार पाकिस्तान में जन्मे अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली से पूछताछ के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो [आईबी] और रॉ के अधिकारियों का एक दल यहां पहुंचा है।
एफबीआई ने लश्कर-ए-तैयबा के लिए भारत पर एक बड़े हमले की साजिश रचने के सिलसिले में हेडली को गिरफ्तार किया है। बहरहाल, भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों दोनों ने भारतीय खुफिया दल की अमेरिका यात्रा को ज्यादा अहम नहीं बताने की कोशिश की। वे भारतीय दल के कार्यक्रम के बारे में चुप्पी साधे हैं। उनका कहना है कि वे इसकी न तो पुष्टि कर सकते हैं और न ही खंडन कर सकते हैं कि आईबी और रॉ के अधिकारियों ने हेडली से पूछताछ की है। हेडली अभी शिकागो में एफबीआई की हिरासत में है।
अमेरिकी एजेंसी ने पिछले माह दो प्रमुख आतंकी हमले लश्कर के साथ साठगांठ कर एक भारत पर और दूसरा डेनमार्क पर हमले की साजिश रचने के आरोपों पर 49 वर्षीय हेडली को गिरफ्तार किया। हेडली की गिरफ्तारी की अमेरिका की घोषणा के बाद गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने नई दिल्ली में कहा था कि एफबीआई से मामले की ज्यादा जानकारी हासिल करने आईबी और रॉ के अधिकारियों का एक दल अमेरिका जाएगा और हेडली से भी पूछताछ करेगा।
बहरहाल, अधिकारियों ने आईबी और रॉ के अधिकारियों के दल की यात्रा के मुद्दे पर कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एफबीआई और अमेरिकी न्याय मंत्रालय का कहना था कि हम हेडली से आईबी और रॉ के अधिकारियों की पूछताछ की ना तो पुष्टि कर सकते हैं और ना ही खंडन कर सकते हैं। इस मुद्दे पर एफबीआई और विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहे भारतीय दूतावास से जब आईबी और रॉ के अधिकारियों की शिकागो यात्रा के बारे में पूछा गया तो उनका कोई जवाब नहीं आया।
एफबीआई ने उन्हीं आरोपों के आधार पर हेडली के स्कूल के समय के मित्र एवं कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राना को गिरफ्तार किया है।