बेहद खौफनाक थे लश्कर के इरादे

 
Nov 04, 11:31 pm

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। बीते साल मुंबई में देश का सबसे बड़ा आतंकी हमला अंजाम देने वाले लश्कर ए तैयबा ने भारत में और तबाही मचाने का इरादा कर रखा है। इस बार उसके निशाने पर देश के अलग-अलग शहरों में स्थित दो बड़े बोर्डिग स्कूल और कई पांच सितारा होटल हैं। आतंकियों ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रक्षा कालेज [एनडीसी] को भी निशाने पर ले रखा था। यह खुलासा भारतीय खुफिया एजेंसियों और अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो [एफबीआई] के हवाले से किया गया है।

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि आतंकी उत्तर भारत के एक राज्य में स्थित दो नामी बोर्डिग स्कूलों पर हमले की योजना बना रहे थे। लश्कर देश के कुछ महत्वपूर्ण पयर्टन स्थलों को भी हमले की जद में लेना चाहता था। खास कर उन जगहों को जहां अक्सर ज्यादातर विदेशी आते हैं। इन जगहों पर स्थित पांच सितारा होटलों को निशाना बनाए जाने की योजना बन रही थी। उधर, अमेरिका में एफबीआई ने भी बताया है कि लश्कर नई दिल्ली स्थित एनडीसी को निशाना बनाने की योजना बना रहा था। जाहिर है, लश्कर के निशाने पर खाते-पीते घरों के बच्चे, विदेशी पर्यटक और सैन्य अधिकारी थे।

अधिकारी ने बताया कि खुफिया एजेंसियों ने लश्कर के इन हमलों की योजना संबंधी रिपोर्ट कुछ हफ्ते पहले जुटाई है। इस बारे में संबंधित राज्य सरकारों को बता दिया गया है और संबंधित स्कूलों व होटलों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए कहा गया है।

उधर, एफबीआई के मुताबिक उसकी गिरफ्त में आए, लश्कर से संबंध रखने वाले दो आतंकियों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वे नई दिल्ली में एनडीसी पर हमला करना चाहते थे। एफबीआई ने बीते दिनों पाकिस्तान मूल के अमरीकी डेविड हेडली और पाकिस्तान में जन्मे कनाडाई नागरिक टी. हुसैन राणा को आतंकी साजिश के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। दोनों लश्कर के इशारे पर भारत और डेनमार्क में हमलों की साजिश रच रहे थे।

शिकागो कोर्ट में अभियोजन की ओर से दाखिल राणा और हेडली के बीच संवाद के दस्तावेज बताते हैं कि लश्कर भारत में एनडीसी हमले को कितनी अहमियत दे रहा था। एफबीआई का दावा है कि उसने एनडीसी को निशाना बनाने के संबंध में दोनों आतंकियों के बीच 7 सितंबर को हुए संवाद की रिकार्डिग की थी।

गत महीने कोर्ट में दाखिल अपनी शिकायत में एफबीआई ने 7 सितंबर की बातचीत का हवाला देते हुए कहा था कि हेडली और राणा कई जगहों पर आतंकी वारदात अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।

इस बीच, राणा ने शिकागो की अदालत में अपने छह मकानों के बदले जमानत पर रिहाई की याचिका दायर की है। हालांकि अमेरिकी न्याय विभाग के सरकारी वकील ने याचिका का विरोध किया है। अदालत 10 नवंबर को राणा की याचिका पर सुनवाई करेगी।

सुरक्षा के दावों में कमी नहीं

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय [एनडीसी] पर हमला करने की लश्कर की योजना का खुलासा होने को भारत ने ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया है। अमेरिका में एफबीआई की ओर से आए इस खुलासे पर रक्षा राज्य मंत्री एम. पल्लम राजू ने कहा कि आतंकी हमलों का खतरा और हमलों की संभावित जगह को लेकर समय-समय पर समीक्षा की जाती है। इनके आधार पर सुरक्षा के इंतजाम भी किए जाते हैं। राजू ने भरोसा दिलाया कि एनडीसी की सुरक्षा के भी पर्याप्त इंतजाम मौजूद हैं।

राजू का दावा जो भी हो, पर बुधवार दोपहर तक राजधानी के 30 जनवरी मार्ग पर स्थित एनडीसी की जो तस्वीर थी, वह उनके दावे को मुंह चिढ़ाती ही लगी। गांधी स्मृति के ठीक सामने मौजूद एनडीसी की हिफाजत की जिम्मेदारी अब भी निजी सुरक्षा एजेंसी के ऐसे गार्डो के हवाले है, जिनके पास हथियार के नाम पर सिर्फ बैटन है। महाविद्यालय के बाहर तोपें तैनात तो हैं, लेकिन इनकी अहमियत सिर्फ सजावटी है। तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए उच्च प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने वाले इस महाविद्यालय के इर्दगिर्द कोई निगरानी चौकी भी मौजूद नहीं है।




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