
वाशिंगटन। फ्लाइट अटेंडेंट को यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखने के लिए हवाई जहाज में तैनात किया जाता है। लेकिन जब फ्लाइट अटेंडेंट ही यात्रियों की जान का दुश्मन बन जाए तो क्या किया जाए।
कैम्पास एयरलाइंस के 19 वर्षीय फ्लाइट अटेंडेंट एडर रोजस ने कुछ ऐसा ही किया। रोजस ने जहाज के बाथरूम में आग लगा कर तमाम यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी। वह भी महज इसलिए कि उसे उसकी पसंद के रूट पर तैनात नहीं किया गया था। गनीमत रही कि विमान को आपात स्थिति में उतार कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
कैम्पास एयरलाइंस का एक विमान 72 यात्रियों और चालक दल के चार सदस्यों सहित मिनियापोलिस से रेजिना की उड़ान पर था। विमान आकाश में उड़ रहा था कि तभी बाथरूम से धुआं निकलता दिखाई दिया। तब जहाज की आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। पता चला कि यह करतूत फ्लाइट अटेंडेंट एडर रोजस की थी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
रोजस ने अदालत में बताया कि वह मिनियापोलिस-रेजिना रूट पर अपनी ड्यूटी लगने से गुस्से में था। इसलिए उसने इस काम को अंजाम दिया। इसके लिए वह बाकायदा तैयारी कर विमान में सवार हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक विमान पर सवार होने से पहले रोजस ने अतिरिक्त पेपर टावेल की मांग की थी। उसने अपने एक साथी के पास से लाइटर भी ले लिया था। बाद में उसने बाथरूम में पेपर टावेल में आग लगा कर यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी।
बहराहल, अब रोजस दोहरी मार झेल रहा है। उसे नौकरी से तो निकाल ही दिया गया है और अगर उसे यात्री विमान में आग लगाने की अधिकतम सजा हो गई तो 20 साल जेल में भी रहना पड़ेगा। उसके वकील फिलहाल उसे जमानत दिलवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उसकी जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई होनी है।
इसीलिए कहा जाता है कि गुस्सा आए तो दिमाग को ठंडा रखें, नहीं तो काम खराब होने में ज्यादा वक्त नहीं लगता।