
बर्लिन। हालीवुड की सुपरहिट फिल्म टुमारो नेवर डाइज आपको याद होगी। फिल्म का नायक जेम्स बांड जटिल परिस्थितियों में फंसने के बाद रिमोट संचालित कार से भागने में सफल हो जाता है। हालांकि फिल्म में दिखाई गई रिमोट से चलने वाली कार महज एक कोरी कल्पना थी, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे हकीकत में साकार कर दिखाया है। यानी अब आम आदमी भी रिमोट की बटनों से कार को आपरेट कर सकेगा। जर्मनी में कंप्यूटर वैज्ञानिकों ने एक आई फोन एप्लीकेशन तकनीक का विकास किया है। यह तकनीक उनके द्वारा निर्मित कार के स्मार्ट फोन को रिमोट कंट्रोल में बदल देगी। कार का ड्राइवर स्टीयरिंग, ब्रेक, एक्सिलेटर को मोबाइल की स्क्रीन को छूने मात्र से चला सकेगा। कार के अगले हिस्से (डैशबोर्ड) पर लगा वीडियो कैमरा आई फोन के लिए संकेत संचारित करेगा। इससे ड्राइवर कार में लगी स्क्रीन पर सामने आने वाली चीजों को देख सकेगा और उसी के अनुरूप रिमोट से अपनी दिशा निर्धारित करेगा। ड्राइवर अपने आई फोन से कार के पावर ट्रांसमीशन को कमांड देगा कि कार को किस तरह चलाना, रोकना या खड़ी करना है। कार को ग्राउंड फ्लोर से लेकर चौथी मंजिल तक पार्क किया जा सकेगा। बर्लिन की फ्रेई यूनिवर्सिटी के आर्टिफीशियल ग्रुप द्वारा बनाई गई कार और उसके रिमोट को स्पिरिट आफ बर्लिन नाम दिया गया है। आर्टिफीशियल ग्रुप इस बात की पड़ताल कर रहा है कि भविष्य में स्वचालित वाहन किस तरह से हमारी जिंदगी में बदलाव लाएंगे। इस प्रोजेक्ट के प्रमुख प्रोफेसर राउल रोजास ने कहा, एक दिन हम सभी ड्राइवर विहीन टैक्सी से चलेंगे। जाहिर है कि इससे अपनी कार होने की जरूरत समाप्त हो जाएगी।